हेलसिंकी. फिनलैंड के वैज्ञानिकों ने एक 65 वर्षीय मरीज के उपरी जबड़े को जोड़ने वाली हड्डी को उसी मरीज के स्टेम सेल्स से बनाने में सफलता हासिल की है। भविष्य में यह तकनीक बड़ी शल्यक्रियाओं और अंग प्रत्यारोपण के मामलों में काफी उपयोगी सिद्ध हो सकती है।
हेलसिंकी यूनिवर्सिटी सेंट्रल हॉस्पिटल की रीटा सुरोनेन और उनके दल ने मरीज के शरीर से स्टेम सेल निकालकर पहले तो उन्हें प्रयोगशाला में विकसित किया और फिर उसे प्रत्यारोपित की जाने वाली हड्डी का रूप दे दिया। चिकित्सा जगत में ऐसा पहली बार हुआ है कि मरीज को उसी के स्टेम सेल्स की मदद से ठीक किया गया हो।