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जड़ें जयपुर में

जयपुर. किडनी के जरिये 1000 करोड़ रुपए जमा करने वाले डाक्टर अमित ने इस कारोबार की शुरुआत जयपुर में मानसरोवर से की थी। बाद में वह गुड़गांव चला गया। मुरादाबाद पुलिस के हत्थे चढ़े उसके साथी डॉ. उपेन्द्र ने कई सनसनीखेज जानकारियां दी हैं। अमित के तार अंडरवल्र्ड और कबूतरबाजी से भी जुड़े थे। उसने 15 देशों के 150 अस्पतालों में भी निवेश कर रखा था।

उपेन्द्र ने पुलिस को बताया कि अमित से उसकी दोस्ती जयपुर में हुई थी। दोनों ने मानसरोवर इलाके में एक मकान किराए पर लेकर किडनी बेचना शुरू किया था। जयपुर के बाद उसने मुंबई, दिल्ली तथा गुड़गांव में धंधा जमाया।

कई राजनेताओं से संपर्क : उपेन्द्र ने बताया कि अमित के कई नेताओं से संबंध थे। हरियाणा के कांग्रेस सांसद जय प्रकाश से उसकी अच्छी दोस्ती थी जबकि सांसद ने इसका खंडन किया है। उपेंद्र के अनुसार हरियाणा के एक पूर्व मुख्यमंत्री से भी उसके दोस्ताना ताल्लुकात थे। नर्स गिरफ्तार : पुलिस ने शनिवार को फरीदाबाद से एक नर्स को गिरफ्तार किया है। वहीं गुड़गांव कोर्ट ने अमित की कथित सहयोगी नर्स लिंडा, ड्राइवर हरपाल और कुक रमेश व सुरेश को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

अधिकारियों से सांठगांठ

डा. उपेंद्र ने बताया कि गुड़गांव के कई अधिकारियों और नौकरशाहों की भी अमित से सांठगांठ रही है। अमित ने 2006 में एक करोड़ बीस लाख रुपए आयकर के रूप में भी जमा कराए थे। उसका नेटवर्क खाड़ी देशों के अलावा बांग्लादेश, नेपाल, आस्ट्रेलिया और कनाडा तक फैला हुआ था। अमित को अरबी भाषा की अच्छी जानकारी थी और इसका लाभ उसे खाड़ी से बड़ी संख्या में आने वाले ग्राहकों से संपर्क साधने में मिलता था।

छह आरोपियों की तलाश

मुरादाबाद एसएसपी प्रेम प्रकाश के अनुसार डाक्टर उपेन्द्र ने छह साथियों के और नाम बताए हैं। ये हैं कैलाश, नीरज गर्ग, श्री अग्रवाल, युनूस, यशपाल शर्मा तथा सरजीत झा। इनमें से कैलाश तथा नीरज किडनी देने वाले को तलाश कर लाते थे।युनूस ने अंडरवल्र्ड से अमित की मुलाकात करवाई थी। सरजीत झा गुर्दा प्रत्यारोपण में मदद करता था, जबकि नीरज तथा श्री अग्रवाल उसकी काली कमाई का हिसाब रखते थे।

कबूतरबाजी में भी माहिर : उपेन्द्र ने बताया कि डाक्टर अमित ने किडनी प्रकरण के अलावा कबूतरबाजी भी की। उसने कई भारतीय युवतियों को विदेश भेजा तथा आस्ट्रेलिया व अरब देशों की युवतियों को भारत में लाने का काम भी किया था।

जयपुर पुलिस को 12 साल से अमित की तलाश

जयपुर में वर्ष 1995 में उजागर हुए किडनी कांड के मामले में सोढाला थाना पुलिस को तब से ही डॉ. अमित की तलाश है। अब उसे पकड़ने के लिए पुलिस की एक टीम मुरादाबाद गई है। अमित ने दिल्ली पुलिस को एक बार 10 लाख रुपए घूस भी दी थी।





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