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रनवे से फिसला प्रशिक्षण विमान

भोपाल. plane राजधानी के एयरपोर्ट परिसर में शनिवार की सुबह एक प्रशिक्षण विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के वक्त विमान में दो ट्रेनी पायलट सवार थे। दुर्घटना में किसी को चोट नहीं आई, लेकिन विमान अब उड़ान भरने लायक नहीं रह गया है। इस हादसे से विमान उड़ाने के नियमों को दरकिनार कर उड़ान भरने का भी खुलासा हुआ है।

एमपी फ्लाइंग क्लब का सेसना 152 विमान शनिवार दोपहर लगभग 12 बजे एयरपोर्ट परिसर स्थित फ्लाइंग क्लब की हवाईपट्टी पर उतरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह विमान एक घंटे की ट्रेनिंग उड़ान पर प्रशिक्षु संत सरकार उड़ा रहे थे। उनकी उड़ान की अवधि ठीक 12 बजे खत्म होने वाली थी।

इसके पांच मिनट पहले विमान जैसे ही हवाईपट्टी पर उतरा, ट्रेनी पायलट श्री सरकार संतुलन खो बैठे। तेज हवा की चपेट में आकर विमान हवाईपट्टी की सेंट्रल लाइन से उतरकर कई मीटर आगे तक कच्चे रास्ते पर चला गया।

इस दुर्घटना के बाद आनन-फानन में एयरपोर्ट की दमकलें और एंबुलेंस तत्काल विमान के पास भेजी गई। सुरक्षा अमला भी हरकत में आ गया। लेकिन बाद में एयरक्राफ्ट उड़ा रहे संत सरकार और एक अन्य ट्रेनी पायलट सकुशल बाहर निकल आए।

एयरपोर्ट स्थित फायर स्टेशन प्रबंधक केएल धुर्वे के अनुसार इस दुर्घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। विमान का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। यदि विमान कुछ ऊंचाई पर या तेज रफ्तार में होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। दुर्घटना के बाद सुरक्षाकर्मियों की मदद से इस एयरक्राफ्ट को खींचकर हैंगर में खड़ा कर दिया गया है।

कितने लोग सवार थे?
दुर्घटना के समय इस एयरक्राफ्ट में दो ट्रेनी पायलट सवार थे, जबकि अधिकृत रूप से इसमें सिर्फ संत सरकार नामक ट्रेनी पायलट सवार थे। एयरपोर्ट डायरेक्टर जेपी एलेक्स ने इसमें दो ट्रेनी पायलट सवार होने की पुष्टि की है जबकि एमपी फ्लाइंग क्लब के क्वालिटी कंट्रोल मैनेजर आरसी वर्मा का कहना है कि उन्हें सिर्फ एक ट्रेनी पायलट की जानकारी है। श्री वर्मा ने बताया कि एक घंटे की उड़ान का समय खत्म होने के कारण संत एयरक्राफ्ट उतार रहा था। तेज हवा के कारण वह एयरक्राफ्ट को संभाल नहीं सका।

मनमर्जी का खुलासा
इस घटनाक्रम से फ्लाइंग क्लब के विमानों की उड़ान में की जाने वाली लापरवाही उजागर हो गई है। सूत्रों का कहना है कि क्लब के पास दो एयरक्राफ्ट हैँ और इनसे 20 ट्रेनी प्रशिक्षण ले रहे हैं।

स्टूडेंट पायलट लाइसेंस (एसपीएल) मिलने के बाद 10 घंटे की उड़ान पूरी कर चुके स्टूडेंट क्रास कंट्री की पात्रता हासिल कर लेते हैं, अर्थात् उन्हें अकेले लगातार एक घंटे तक उड़ान भरने की छूट रहती है। एयरक्राफ्ट टू-सीटर है, लिहाजा कुछ प्रशिक्षुओं को उपकृत करने के लिए पायलट सीट पर कोई और बैठता है तथा रिकार्ड में उड़ान किसी और के नाम दर्ज होती है।

बहरहाल दुर्घटनाग्रस्त सेसना-152 की मरम्मत के लिए मुंबई से विशेषज्ञ आएंगे। क्वालिटी कंट्रोल मैनेजर आरसी वर्मा के अनुसार विशेषज्ञों की रिपोर्ट के बाद ही विमान खोला जाएगा। फिलहाल यह उड़ान भरने की स्थिति में नहीं रह गया है।





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