बीकानेर. औसत उपभोग से कम बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट कुछ छूट देने पर सरकार विचार कर रही है। इस संबंध में अधिसूचना जारी होने की देर है। जनता की जरूरत के अनुसार बिजली का प्रबंध करने में कामयाबी नहीं मिलने के बाद सरकार ने बिजली बचाने वाले उपभोक्ताओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में काम शुरू किया है। हालांकि अभी तक विद्युत कंपनियों को इस संबंध में किसी तरह का निर्देश नहीं मिला है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सरकार ने ऐसे उपभोक्ताओं को प्रोत्साहित करने का फैसला किया है जो कम बिजली की खपत करने में सहायक बिजली के उपकरणों का प्रयोग करते हैं। इस तरह के उपकरणों का उपयोग कर बिजली की खपत कम करने वाले उपभोक्ताओं से निगम के माध्यम से प्रस्ताव आमंत्रित किए जाएंगे। जो उपभोक्ता अपने पूर्ववर्ती बिलों के आधार पर यह साबित करेंगे कि उनके यूनिट्स में कमी आई है। उन्हें छूट के लिए पात्र माना जाएगा।
बिजली की अनुपलब्धता की वजह से यह फैसला किया जा रहा है। तीन से पांच घंटे की कटौती के बाद भी बिजली के उपभोग में कोई खास अंतर नहीं आ रहा है। अगर यह योजना लागू कर दी जाएगी तो लोग बिजली बचाने के प्रयास करने लगेंगे।
सूत्रों का कहना है कि विद्युत उत्पादन शुरू होने के बाद भी यह योजना फायदेमंद रहेगी। अगर इस तरह की योजना से बिजली बची तो दूसरे राज्यों को बेचने में काम आएगी। इस स्थिति में अगर प्रोत्साहन स्वरूप प्रति यूनिट कुछ राशि की छूट उपभोक्ताओं को दी जाएगी तो भी सौदा फायदे का रहेगा।
दिन में नहीं जले रोडलाइट्स
बीकानेर नगर परिषद को बिजली के कम उपयोग के निर्देश दिए गए हैं। पिछले दिनों लगातार दैनिक भास्कर ने दिन में जलने वाली रोडलाइट्स की फोटो व खबरें प्रकाशित की थी। इसे देखते हुए सरकार ने प्रदेश की सभी निकायों को आदेश जारी किया है कि बिजली का दुरुपयोग नहीं करें। ऐसे विद्युत बल्बों व ट्यूबलाइट्स का इस्तेमाल करें जिससे बिजली की खपत कम हों।
सरकार ने आदेश जारी किए हैं कि एक ऐसी रिपोर्ट बनाई जाए कि मार्च 2009 तक सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था में कितने यूनिट्स बिजली की खपत कम हुई। इसके साथ ही निर्धारित प्रकाश नीति के तहत बिजली देने पर भी जोर दिया गया है। निकायों से कहा गया है कि ऊर्जा संरक्षण की नवीनतम तकनीक अपनाते हुए बिजली बचाएं और नए सिरे से जहां भी बल्ब, ट्यूबलाइट्स लगानी हो, बिजली की कम खपत वाली ही लगाएं।