बीकानेर. अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव के बाद अब सैलानियों का रुझान जैसलमेर में इसी महीने होने वाले मरु महोत्सव की ओर होने लगा है। इसका फायदा बीकानेर के पर्यटन उद्योग को भी मिलेगा। मार्च में बीकानेर की होटलों में 80 से 90 फीसदी बुकिंग है। अधिकतर बुकिंग उन सैलानियों की है जो मरु महोत्सव देख कर वापस लौटेंगे। राजस्थान में दो-तीन ऐसे प्रमुख फेस्टिवल है जिनके प्रति सैलानियों का खासा रुझान रहता है।
मरु महोत्सव भी इनमें से एक है। फरवरी के दूसरे पखवाड़े में आयोजित होने वाले इस महोत्सव के पहले दिन सभी आयोजन जैसलमेर में होते है और अंतिम दिन सम के धोरों पर रंगारंग प्रस्तुतियां सैलानियों के लिए यादगार होती है।
इस महोत्सव में देशी सैलानियों के साथ-साथ विदेशियों की भी काफी तादाद होती है। जैसलमेर जाने के लिए अधिकतर सैलानी दिल्ली से जयपुर, बीकानेर और जोधपुर होते हुए पहुंचते है। बीकानेर के रास्ते जैसलमेर जाने वाले सैलानियों को एक नाइट का स्टे यहां करना पड़ता है क्योंकि बीकानेर से जयपुर करीब 6 और जैसलमेर करीब 7 घंटे के सफर के बाद ही पहुंचा जा सकता है।
जयपुर से जैसलमेर के लिए हवाई सेवा भी है लेकिन इसका उपयोग करने वाले सैलानियों की संख्या कम हैं। वर्तमान बीकानेर में होटलों में 60 फीसदी बुकिंग है जो 15 फरवरी के बाद लगातार बढ़ेगी।
28 मार्च से पहले तक होटलों की बुकिंग 80 से 90 फीसदी तक हो चुकी है। इसके बाद प्रदेश में सैलानियों की आवक लगातार कम होती जाएगी। अप्रैल से जून तक पर्यटकों का आफ सीजन रहेगा। 15 जुलाई के बाद फिर से सीजन प्रारंभ होगा। इन दिनों बीकानेर में फ्रांस, स्पेन, जर्मनी, अमेरिका, आस्ट्रेलिया, आस्ट्रिया, नीदरलैंड आदि के सैलानी आ रहे हैं।