इंदौर. लीवर में एक एन्जाइम कमी से किडनी में पथरी बनने की बीमारी (प्रायमरी ऑक्सियोलिसिस) से ग्रसित 14 वर्षीय मोहम्मद बिलाल की किडनी और लीवर एकसाथ ट्रांसप्लांट करने की तैयारियां दिल्ली में चल रही हैं। दोनों एकसाथ ट्रांसप्लांट करने वाले देश के एक मात्र विशेषज्ञ डॉ. ए. सोइन और पीडियाट्रिशियन डॉ. नीलम मोहन के मुताबिक यह एशिया का दूसरा बड़ा ऑपरेशन होगा।
मां नसरीन बानो का लीवर और चाचा नासिर की किडनी ट्रांसप्लांट की जाएगी। 5, नया पीठा निवासी मोहम्मद बिलाल पांच साल का था तबसे पथरी की बीमारी है। कई साल दवाइयों से काम चलता रहा लेकिन आठ महीने पहले दोनों किडनियां खराब हो गई। एक महीने यहीं डायलिसिस कराया फिर मूलजीभाई किडनी अस्पताल, अहमदाबाद ले गए।
वहां एक किडनी निकाली और जांच की तो प्रायमरी ऑक्सियोलिसिस का पता लगा। डॉ. राजेंद्र पंजाबी ने बताया ऐसे मरीज की किडनी ट्रांसप्लांट भी कर दें तो लीवर में एक एन्जाइम की कमी से पथरी फिर बनने लगती। ऐसे में किडनी-लीवर एकसाथ ट्रांसप्लांट करना ही विकल्प है। इसके लिए बिलाल करीब लगभग ढाई महीने से सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती है।
कहां से लाएं 25 लाख
रेलवे स्टेशन के पास कोल्ड्रिंक की दुकान चलाने वाले चाचा नासिर कहते हैं ट्रांसप्लांट कराने के लिए ही 25 लाख रुपए चाहिए। इंदौर और अहमदाबाद में इलाज पर भी 18 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं। हमारा सबकुछ बिक चुका है लेकिन बच्चे को बचाना चाहते हैं।
किडनी और लीवर दान के लिए डेढ़ महीने पहले एमजीएम मेडिकल कॉलेज के 11 डॉक्टर्स और कलेक्टर के हस्ताक्षर वाले कागजात मुख्यमंत्री को भेजे थे। कई चक्कर भी लगाए लेकिन मदद नहीं मिली।