लखनऊ. उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने शनिवार को उस पुस्तक पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाने की मांग की जिसमें भगवान राम, सीता और अन्य देवी-देवताओं के खिलाफ विपरीत टिप्पणी की गई है। यह पुस्तक हाल ही में नई दिल्ली में जारी की गई है। यहां संवाददाताओं से मायावती ने कहा कि वे इस बारे में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखने जा रही हैं।
इस किताब पर प्रतिबंध तो लगना ही चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश में किताब के विरोध में प्रदर्शनों का हवाला देते हुए कहा कि उनकी पार्टी विरोध प्रदर्शन करने वालों के साथ है। हालांकि उन्होंने लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की मांग की।
माया का राज्यपाल पर पलटवार
चार वरिष्ठ अधिकारियों के निलंबन के मामले में राज्यपाल टीवी राजेश्वर की आलोचना से नाराज मुख्यमंत्री मायावती ने शनिवार को पलटवार करते हुए राज्यपाल की ही शैली में उन्हें एक पत्र लिखा है। इस पत्र को मीडिया के लिए भी जारी किया। मायावती ने पत्र जारी करते हुए कहा, ‘मैंने चारों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई इसलिए की क्योंकि उन्होंने सेवा नियमों का उल्लंघन किया था।
राज्यपाल मीडिया रिपोर्टे के आधार पर मुझे पत्र लिखने और इसे प्रैस में जारी करने की बजाय मुझसे बातचीत करते जो ज्यादा बेहतर होता। अब क्योंकि उन्होंने ऐसा नहीं किया, इसलिए मैं भी उनको मेरा जवाब प्रेस में जारी कर रही हूं।’
गौरतलब है कि एक पुस्तक में राहुल गांधी व उनके परिवार के महिमामंडन से खफा मायावती ने वीरवार को दो आईएएस समेत चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया था। राज्यपाल ने शुक्रवार को मायावती को लिखे पत्र में इस निर्णय को अनुचित बताया था।
मायावती ने साफ कहा कि वे और उनकी सरकार दिवंगत राजीव गांधी और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी का सम्मान करते हैं और अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई राजनीतिक द्वेष से प्रेरित नहीं है।