न्यूयॉर्क. अमेरिकी शोधकर्ताओं ने पाया है कि यदि माताएं तीन से चार साल की उम्र के बच्चों को खुलकर अपनी बात कहने का मौका दें तो वे जल्दी सीखते हैं।
‘साइंस डेली’ में प्रकाशित अपनी रिपोर्ट में वान्डरबिल्ट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कहा है कि माताओं को बच्चों से सवाल करने के बाद बजाय उनका जवाब देने के, उन्हें अपनी बात कहने का मौका देना चाहिए।
शोधकर्ता दल की प्रमुख बैथनी रिटल-जॉनसन ने पाया कि जो बच्चे सवालों के जवाब अपनी मां के सामने दोहराते हैं, उनमें सीखने-समझने की क्षमता अन्य से कहीं अधिक होती है। ऐसा इसलिए है कि बच्चों को अपनी मां से जवाब और मदद की सर्वाधिक उम्मीद रहती है।