भोपाल. चुनावी साल में गांवों पर ध्यान केंद्रित कर रही शिवराज सरकार हर गांव से दो किसानों को बुलाकर एक लाख से ज्यादा किसानों की महापंचायत जोड़ रही है। इस आयोजन के एक दिन पहले किसान संगठनों के चुने हुए प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री की मंत्रणा होगी। इस मंत्रणा के पहले मुख्यमंत्री अफसरों की क्लास लेंगे।
जिसमें महापंचायत में की जाने वाली घोषणाओं का ड्राफ्ट तैयार किए जाने की संभावना है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रविवार की सुबह भेल के जंबूरी मैदान पहुंचे। वे इस मैदान को 14 फरवरी को किसान महापंचायत के आयोजन के लिहाज से देखने आए थे। उनके साथ भोपाल संभागायुक्त पुखराज मारू, मंडी बोर्ड के आयुक्त एसएस उप्पल, मुख्यमंत्री के सचिव अनुराग जैन, कलेक्टर आरके माथुर, नगर निगम आयुक्त निकुंज कुमार श्रीवास्तव तथा अन्य अधिकारी भी थे।
उन्होंने अधिकारियों से चर्चा के बाद कहा कि महापंचायत के आयोजन की तैयारी यहीं शुरू कीजिए। श्री चौहान ने इस मौके पर दैनिक भास्कर से चर्चा में कहा कि प्रदेश के हर गांव से दो किसान प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा। एक लाख किसान प्रतिनिधि यहां जुटेंगे। इस स्थल का चयन इसलिए किया जा रहा है, ताकि आने वाले किसानों को परेशानी नहीं हो और आयोजन की वजह से शहर में भी दिक्कत न हो। श्री चौहान ने बताया एक दिन पहले किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से चर्चा की जाएगी।
आखिर में भाषण तो मैं दूंगा
मुख्यमंत्री ने अफसरों से कहा कि वाहनों की पार्किग की व्यवस्था, पानी का इंतजाम और अन्य सभी जरूरतों का प्लान बनाकर इंतजाम किया जाए। उन्होंने अफसरों से कहा कि एक दिन पहले किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से चर्चा भी यहीं की जा सकती है। इस पर अफसरों ने कहा कि किसान प्रतिनिधियों से चर्चा में अलग-अलग मांगें उठेंगी तो कोई दिक्कत तो नहीं होगी?
मुख्यमंत्री ने हंसते हुए कहा- ‘आखिर में भाषण तो मैं ही दूंगा, कोई दिक्कत नहीं होगी।’ अधिकारियों ने सुझाव दिया कि महापंचायत के एक दिन पहले किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से मुख्यमंत्री निवास पर भी चर्चा की जा सकती है। श्री चौहान ने कहा कि ऐसा भी हो सकता है।