भोपाल. वेतन विसंगतियों के विरोध में एक फरवरी से अबकारी कार्यपालिका संघ द्वारा चलाए जा रहे चरणबद्ध आंदोलन के कारण सरकार को अब तक 15 करोड़ रुपए से ज्यादा की चपत लग चुकी है। राज्य भर में शराब से लदे ट्रक गोडाउन में खड़े हुए हैं। उनका परिवहन नहीं होने से शराब दुकानों तक नहीं पहुंच पा रही है।
प्रदेश के सहायक जिला आबकारी अधिकारी, उप निरीक्षक से लेकर सिपाही तक वेतनमान बढ़ाए जाने की मांग को लेकर एक जनवरी से हड़ताल पर हैं। वे वर्क टू रूल के तहत सुबह 10 से शाम 5.30 बजे तक काम कर रहे हैं। इससे डिस्टलरी में भी शराब का उत्पादन प्रभावित हो रहा है। आबकारी विभाग का महकमा शाम 5.30 बजे अपना काम बंद कर रहा है, इससे शराब उत्पादन बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है।
राज्य में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर स्थित गोडाउन में 50 से ज्यादा शराब से भरे हुए ट्रक दो दिनों से खड़े हुए हैं। राजधानी स्थित गांधीनगर वेयर हाउस में अब तक 19 ट्रक विदेशी शराब लेकर गंतव्य स्थान को रवाना नहीं हो सके। इनमें प्रत्येक ट्रक में 15 लाख रुपए मूल्य से ज्यादा की शराब भरी हुई है।
हड़ताल का फायदा बिचौलिए उठा रहे हैं और बढ़ी हुई कीमत पर शराब बेच रहे हैं। साथ ही आबकारी अधिकारियों के ड्यूटी पर नहीं होने से शहर में शराब की दुकानों को समय पर बंद करवाने वाला कोई नहीं है। इस कारण ये दुकानें शनिवार को देर रात तक खुली रहीं।