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बच्चियों की दहशत अब शिकंजे में

इंदौर. अंतत: हरजीतसिंह छाबड़ा उर्फचोटीवाला भोपाल में गिरफ्तार कर लिया गया। उसकी लंबे समय से दहशत फैली हुई थी। वह इंदौर व रायपुर के अनेक क्षेत्रों में बच्चियों को फुसलाकर उनके साथ अश्लील हरकतें करता था। 45 वर्षीय चोटीवाला बी.ई. और एमबीए है, वारदातों के वक्त वह भेष बदल लेता था।

कुछ दिन पहले विजयनगर क्षेत्र में रहने वाले एक इंजीनियर व एक अन्य व्यक्ति ने एसपी अंशुमान यादव को शिकायत की थी कि उनकी बच्चियों को बाइक सवार एक चोटी वाले शख्स ने बहलाया और अश्लील हरकतें की। उनके सहित क्षेत्र के लोगों ने उसके बारे में कई चौंकाने वाली जानकारी दी।

उन्होंने बताया उक्त व्यक्ति अचानक कहीं से आ जाता है और बाहर खेल रही बच्चियों को चाकलेट या कोई चीज देने के बहाने अश्लील हरकतें कर भाग जाता है। इस पर पुलिस ने उक्त बाइक नंबर की जानकारी निकाली तो वह रायपुर निवासी हरजीतसिंह उर्फ हरवंशसिंह पिता बलवंतसिंह छाबड़ा की निकली। इस पर पुलिस ने तफ्तीश की तो पता चला कि वह इंदौर में ही किराये पर रहता है। पुलिस ने शनिवार को उसके गणोशधाम स्थित निवास पर दबिश दी लेकिन इसके पहले ही वह पत्नी मोना के साथ भाग गया । यह भी पता चला कि उसके पास कई वाहन है। सुबह पति-पत्नी अलग-अलग कार से निकले थे।

इस पर पुलिस ने उसके घर से एक बाइक, शेयर सर्टिफिकेट्स, बैंक पास बुक तथा अन्य कागजात मिले। एक आलमारी में उसके अलग-अलग भेष के कई फोटो मिले। इसके बाद पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ कि तो उन्होंने बताया कि उसने अपने यहां काम करने वाली महिला से भी अश्लील हरकतें की थी।

एसपी के मुताबिक उसकी गिरफ्तारी के लिए एडीशनल एसपी महेशचंद जैन, सीएसपी बिट्टू सहगल, टीआई अरविंद खरे, नगर सुरक्षा समिति के अमरजीतसिंह सूदन की एक टीम गठित की गई थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने कल भोपाल में घेराबंदी की और उसे गुरुद्वारा के पास से पकड़ लिया। वह पत्नी के साथ दीवानगंज भागने की फिराक में था।

लोग बोले- ‘शेर से ज्यादा खतरनाक है’

जैसे ही उसके पकड़े जाने की सूचना मिली तो कई पीड़ित लोग कंट्रोल रूम पहुंचे। उन्होंने कहा यह दरिंदा 30 से ज्यादा बच्चियों के साथ हरकतें कर चुका है। बदनामी के कारण ज्यादातर लोगों ने इसके खिलाफ रिपोर्ट नहीं की। उन्होंने कहा यह शेर से ज्यादा खतरनाक है। अगर ये नहीं पकड़ाता तो कई बच्चियां इसका शिकार हो जाती। इसके खौफ के कारण लोग दहशत में थे। इसके पकड़े जाने पर लोगों ने अधिकारियों का स्वागत किया।

‘आप झूठ बोल रहे हैं, यह मेरा वात्सल्य है’

अपने किए पर उसे कोई मलाल नहीं है। अब दुहाई दे रहा है कि मीडिया ने मुझे अकारण बदनाम कर प्रचारित किया। कई सवालों के जवाब उसने यूं दिए-

शर्म नहीं आती? तुम्हें बच्चियों के साथ ऐसी हरकतें करते?-कैसी शर्म। आप गलत कह रहे हैं। यह तो मेरा वात्सल्य है, जिसे गलत साबित किया जा रहा है।..तो फिर आपकी पहली पत्नी ने आपको क्यों छोड़ा?-वैचारिक मतभेद थे। कैसे वैचारिक मतभेद?-यह हमारा निजी मामला है।-तुम्हारी इस हरकत पर दूसरी पत्नी क्या कहती है?-उसे मालूम है कि मैं निदरेष हूं। (..जबकि पत्नी खुद भौचक है)इस पूरे मामले में तुम्हें क्या कहना है?-मीडिया ने मुझे अकारण दुष्प्रचारित किया। मेरी गलती है लेकिन ऐसी नहीं।तो फिर अपना पक्ष रखने पहले खुद क्यों नहीं आए?-मौन।तुम खुद को शरीफ कहते हो। फिर ये बहुरुपियापन और ये ढेरों भेष वाले फोटो क्या है?-कोई अगर अलग-अलग स्टाइल में रहता है तो उसमें हर्ज क्या है।बैंक में लाखों रुपए, लक्जरी कारें फिर भी किराये के मकान में?-आप से ही पता चला कि मैं लखपति हूं। वैसे मेरे पास लाखों रुपए नहीं है।जो कुछ तुमने किया है? अब कैसा महसूस करते हो और आगे क्या करोगे?-कहा न, मेरा बच्चियों के प्रति वात्सल्य था।(..इतना कहते ही लोग टूट पड़े और जो कुछ वह करता था, सब बयां कर दिया जिसके चलते उसकी बोलती बंद हो गई)

..आखिर कैसे और क्यों पकड़ा पुलिस ने?

एसपी का कहना है कि दो लोगों की शिकायतें आई थी, जिस आधार पर कार्रवाई की गई। मैदानी हकीकत यह है कि नवरतनबाग, मूसाखेड़ी सहित 15 से ज्यादा लोगों की शिकायतें थीं। इसके अलावा कुछ लोग ऐसे थे जो सामने ही नहीं आए। इस बीच हरजीत का रिकॉर्ड भी पुलिस ने खंगाल लिया तो सकते में आ गई। और बच्चियां शिकार न हो इसलिए पुलिस ने दबाव के चलते तुरत-फुरत उसे गिरफ्तार किया।





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