इंदौर. शनिवार रात पुलिस ने कॉम्बिंग गश्त के साथ शहर के प्रमुख चौराहों पर दो घंटे तक सघन जांच की। इस दौरान 276 लोगों पर कार्रवाई की गई। दो बदमाश ऐसे भी मिले जो पिस्टल लेकर चोरी की बाइक पर वारदात करने निकले थे। एक नेता को गाड़ी पर तिरंगी बत्ती लगाकर चलने व सायरन बजाने पर पुलिस ने डपटा और माफी मांगने पर मजबूर किया।
एसपी अंशुमान यादव के साथ एडीशनल एसपी महेशचंद जैन और मनोजकुमार सिंह के नेतृत्व में रात 12 बजे कॉम्बिंग गश्त शुरू हुई। इस दौरान कोर्ट से जारी बेमुद्दत स्थायी वारंटों के तहत 13 लोगों को और गिरफ्तारी वारंटों के 153 को गिरफ्तार किया। तीन युवकों को सड़क पर विवाद करने पर शांति भंग करने की धाराओं में गिरफ्तार किया। दस आदतन अपराधी भी पकड़े गए।
संदिग्ध हालात में घूम रहे 52 लोग और पांच हथियारबंद लोग भी पकड़े गए। बगैर नंबर के वाहन चला रहे 38 लोगों पर मोटर व्हीकल एक्ट में कार्रवाई की गई। इसी बीच लसूड़िया पुलिस के हाइवे पेट्रोलिंग स्टाफ ने रात 1.30 बजे ग्राम अरंडिया बायपास पर संजयनगर निवासी लक्ष्मण पिता नारायण तथा बृजविहार कॉलोनी के कमल पिता मानसिंह को चोरी की बाइक (एमपी 09-एमके-7502) के साथ पकड़ा। तलाशी में उनके पास देशी पिस्टल भी मिली। प्रधान आरक्षक सुरेश बुनकर ने बताया वे वारदात की नीयत से घूम रहे थे।
माफी मांगना पड़ी :
रीगल तिराहे पर सिंगापुर मार्केट के सामने लगे स्टॉपर पर चेकिंग के दौरान तिरंगी बत्ती वाली काली स्कॉर्पियो रुकी। पुलिसकर्मी उसकी जांच करते उससे पहले ही ड्राइवर सीट पर बैठा व्यक्ति सायरन बजाने लगा। जीप में एक महिला तथा दो बच्चे भी सवार थे। पुलिस जवान पहुंचे तो उसने अभद्रता की। तब सीएसपी मनोज राय और टीआई केसी मालवीय पहुंचे।
तब उसने खुद को धमानोद कांग्रेस का अध्यक्ष बताते हुए छोड़ने को कहा। तब सीएसपी ने डपटा- किसकी अनुमति से बत्ती और नंबर प्लेट पर अध्यक्ष की पट्टी लगाई है। इस पर उसने माफी मांगी और बत्ती व पट्टी हटा दी। बाद में कागजात पेश करने पर उन्हें छोड़ा गया।