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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर. एनसीआर से बाहर होने के बाद काउंटर मेग्नेट सिटी ग्वालियर के रीजनल ग्रोथ सेंटर बनाने की उम्मीद भी खत्म होती नजर आ रही है। दो वर्ष पूर्व केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने ग्वालियर की एनसीआर काउंटर मेग्नेट सिटी का एनसीआर (नेशलन कैपिटल रीजन) का दर्जा खत्म कर दिया।
इससे ग्वालियर को काउंटर मेग्नेट सिटी के लिए केन्द्र से अनुदान सहित अन्य सुविधाएं मिलने की संभावना खत्म हो गई। गत वर्ष 21 अगस्त को केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री जयपाल रेड्डी की अध्यक्षता में दिल्ली में हुई नेशनल कैपिटल रीजन (एनसीआर) प्लानिंग बोर्ड की बैठक में मध्यप्रदेश के ग्वालियर सहित देश के पांच राज्यों के दिल्ली से नजदीक शहरों में विकसित हो रही काउंटर मेग्नेट सिटी को दिल्ली के रीजनल ग्रोथ सेंटर के तौर पर विकसित करने की मांग उठी थी।
इस बैठक में मध्यप्रदेश के तत्कालीन आवास एवं पर्यावरण मंत्री जयंत मलैया ने काउंटर मेग्नेट सिटी ग्वालियर के विकास के लिए विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) को अनुदान या बिना ब्याज पर ऋण दिए जाने की मांग भी की थी।
एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने इकरा नामक संस्था से उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब व मध्यप्रदेश की काउंटर मेग्नेट सिटी का अध्ययन कराया। गत वर्ष नवंबर माह में एनसीआर की बैठक में सभी प्रदेशों की काउंटर मेग्नेट सिटी के अधिकारियों के समक्ष इकरा की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।