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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. तिफरा में रहने वाली 100 से ज्यादा महिलाओं ने गुरुवार को गांधीगारी कर कलेक्टर के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया। सभी महिलाएं गरीबी रेखा में अपना नाम जुड़वाने के ंिलए कलेक्टर सुबोध सिंह को गुलदस्ता भेंट किया। इनका को नेतृत्व युवक कांग्रेस जिला अध्यक्ष राजेंद्र शुक्ला ने किया।
कलेक्टोरेट में दोपहर 12 बजे के आसपास गुलदस्ता लिए बड़ी संख्या मं महिलाएं पहुंचीं। इनको देखकर कुछ देर के लिए तो वहां मौजूद लोगों को मामला ही समझ में नहीं आ रहा था। पूछताछ में स्पष्ट हुआ कि महिलाएं गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वालों की सूची में अपना नाम शामिल कराना चाहती हैं। 100 से ज्यादा की संख्या में पहुंची तकरीबन सभी महिलाएं मजदूरी कर अपना परिवार चलाती हैं और इनमें किसी का भी नाम इस सूची में नहीं जुड़ा है। महिलाओं का कहना है कि बीपीएल कार्ड बनाने वाले सर्वे करने दोपहर के समय आते हैं और उस समय यह सभी रोजी-मजदूरी कमाने गए रहते हैं।
इसके चलते ही इनका नाम नहीं जुड़ पाया है। इनका आरोप है कि इनकी जगह अपात्र लोगों का नाम सूची में जोड़ दिया गया है जो पूरी तरह से सुविधा संपन्न है। जिस समय महिलाएं कलेक्टोरेट पहुंचीं, उस दौरान कलेक्टर सुबोध सिंह बैठक में व्यस्त थे और उनसे मुलाकात संभव नहीं थी। श्री सिंह के न पहुंचने पर महिलाएं कलेक्टोरेट परिसर में ही सत्याग्रह में बैठ गई।
बैठक समाप्त होने के बाद जब श्री सिंह सभा कक्ष से बाहर निकले तो इन महिलाओं ने महात्मा गांधी जिंदाबाद का नारा लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। इनका सत्याग्रह तकरीबन दो घंटे तक चला। इसके बाद कलेक्टर श्री सिंह ने प्रतिनिधि मंडल को मुलाकात के लिए बुलाया। जिला युवक कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र शुक्ला के साथ कुछ महिलाएं कलेक्टर श्री सिंह के सामने अपनी बातें रखीं और ज्ञापन सौंपा, साथ ही साथ इन सभी ने श्री सिंह को गुलदस्ता भी भेंट किया। ज्ञापन के अनुसार कोरिया पारा, इंद्रपुरी, मन्नाडोल, यादव नगर व कुंदरापारा के तकरीबन 500 परिवार हैं जिनका नाम गरीबी रेखा की सूची में नहीं जुड़ा है। इसके चलते इन सभी को 3 रुपए किलो के चावल नहीं मिल पा रहा है।
एडिशनल कलेक्टर को लौटाया
कलेक्टर श्री सिंह के बैठक में व्यस्त होने के कारण इन महिलाओं से मिलने एडिशन कलेक्टर धनंजय देवांगन पहुंचे। महिलाओं ने अपनी समस्या कलेक्टर के ही समक्ष रखने का निवेदन कर उन्हें वापस लौटा दिया और सत्याग्रह चालू रखा।
कोरिया पारा में बिजली, पानी भी नहीं
बातचीत में महिलाओं ने बताया तिफरा का कोरिया पारा आदिवासी बहुल मोहल्ला है और यहां किसी के भी घर में बिजली नहीं है। सभी का काम चिमनी से चलता है। नल न होने के कारण बहुत दूर जाकर इन सभी को पानी लाना पड़ता है।
दारू भट्ठी का भी हुआ विरोध
चकरभाठा थाना अंतर्गत बोड़सरा के समीप ग्राम कुआं में चल रही दारू भट्ठी का विरोध करने गांव की महिलाएं ट्रैक्टर में सवार होकर कलेक्टोरेट पहुंची थी। तिफरा की महिलाओं के निकलते ही ग्राम कुआं की महिलांओं की भीड़ कलेक्टोरेट में पहुंच गई है। इनका आरोप है कि दारू दुकान के कर्मचारी गांव में गुण्डागर्दी करते हैं, अत: भट्टी तत्काल बंद कराई जाए।