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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. शहर के गली-मुहल्लों में इन दिनों बेरोजगारों के बीच चर्चा का एक ही विषय (शिक्षाकर्मी भर्ती परीक्षा) है। कोचिंग संस्थान हाउसफुल हैं, वहीं पुस्तक दुकानों में बेरोजगारों की भारी भीड़ है। कभी पीएससी के लिए दिखने वाला जुनून आज शिक्षाकर्मी भर्ती को लेकर है। लगता है कि मानो नौकरी पाने का एक मौका भी बेरोजगार खोना नहीं चाह रहे हैं।
‘अरे यार तुमने अपना फार्म कहां से भरा है? मुझे समझ नहीं आ रहा है कि कहां से फार्म भरूं। सोच रही हूं कि जहां पोस्ट अधिक है, वहीं से भर देती हूं। यहां से दूर तो है, लेकिन नौकरी मिलने का चांस अधिक है। किस बुक से तैयारी कर रहे हो?’ कोचिंग कर रहे हो या नहीं? शहर के किसी भी गली-मुहल्ले में चले जाइए, हर घर में शिक्षाकर्मी भर्ती परीक्षा को लेकर ही चर्चा चल रही है। जिस घर में बेरोजगारों की संख्या तीन से चार है और उनकी शैक्षणिक योग्यता 12वीं से लेकर एमए-एमएससी है तो बस आपस में ग्रुप डिस्कशन शुरू हो गया है।
शहर के कोचिंग संस्थानों में भी इन दिनों खचाखच भीड़ है। पीएससी की कोचिंग देने वाले इन दिनों शिक्षाकर्मी की तैयारी कराने में जुटे हैं। पंजाबी कालोनी स्थित टुटेजा टच्यूटोरियल्स में चार बैच में तैयारी कराई जा रही है। इसी तरह नूतन चौक स्थित राम कश्यप आईएएस कोचिंग में भी छात्रों को कम शुल्क के साथ पांच से छह घंटे की कोचिंग दी जा रही है। संचालक राम कश्यप ने बताया कि तैयारी के लिए गलत पुस्तकों के चयन से छात्रों का समय खराब होगा। वे विशेष पद्घति से छात्रों को कम समय में अधिकाधिक तैयारी करा रहे हंै।
पुस्तक नहीं, सब्जी-भाजी हो गई
शहर के हर चौक-चौराहों में शिक्षाकर्मी भर्ती परीक्षा की पुस्तकें बिक रही हैं। बड़े स्तर की पुस्तक दुकानों में तो भीड़ है ही, लेकिन सड़क पर बनी चलित दुकानों से भी पुस्तकें हाथों-हाथ बिक रही हैं। शिक्षाकर्मी भर्ती फार्म के लिए बनाए गए प्रत्येक विक्रय केंद्रों में चार से पांच पुस्तक विक्रेता बोरा बिछाकर वहीं व्यवसाय कर रहे हैं। इन दुकानों में शिक्षाकर्मी वर्ग एक, दो व तीन के हिसाब से न्यूनतम 50 रुपए से लेकर 250 रुपए तक की किताबें उपलब्ध हैं। इस दौरान ग्राहकों को बकायदा तीस से चालीस प्रतिशत छूट भी दी जा रही है।
चांस नहीं ले रहे ‘पीएससी फाइटर’
शिक्षाकर्मी भर्ती परीक्षा का फार्म भरने वालों में करीब आधे लोग पीएससी की तैयारी करने वाले हैं। लंबे समय से पीएससी दिलाने वालों को सामान्य ज्ञान, छत्तीसगढ़ व करेंट की बेहतर जानकारी हो गई है, जिससे उनके लिए शिक्षाकर्मी परीक्षा पास करना न केवल आसान होगा, बल्कि नौकरी पाने के बाद पीएससी के लिए उन्हें कुछ वर्षों की छूट भी मिल जाएगी। ऐसी स्थिति में शिक्षाकर्मी की नौकरी उनके लिए सोने पे सुहागा वाली साबित होगी, जिसे वे किसी भी स्थिति में पाने की कोशिश करेंगे।