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केशकाल में भाजपा की शानदार जीत

जगदलपुर. ra केशकाल उपचुनाव में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस को रिकार्ड 21 हजार 886 मतों से पराजित कर दिया। इस विधानसभा सीट में कांग्रेस पहले कभी इतने बड़े अंतर से नहीं हारी। भाजपा प्रत्याशी सेवकराम नेताम ने गुरुवार को हुई मतगणना में पहले दौर से ही बढ़त बनाई और अंत तक आगे रहे।

सेवकराम को 58 हजार 362 मत और उनके निकटतम प्रत्याशी कांग्रेस के बुधसन मरकाम को 36 हजार 476 मत मिले। 2003 के चुनाव में कांग्रेस से यह सीट भाजपा के महेश बघेल ने 11 हजार 276 मतों के अंतर से जीती थी। इस बार जीत का अंदर लगभग दुगुना हो गया। नतीजे से साफ है कि भाजपा के चुनाव प्रबंधन और प्रचार के आगे कांग्रेस टिक नहीं पाई। कांग्रेस की गुटबाजी ने भाजपा की राह को आसान बना दिया। महेश बघेल के निधन के बाद रिक्त हुई सीट पर चुने गए सेवकराम मरकाम छह महीने से कुछ ज्यादा समय तक ही विधायक रहेंगे।

शुरू से बढ़त

धरमपुरा स्थित पालिटेक्निक कालेज में हुई मतगणना में पहले ही दौर में भाजपा ने 1614 वोटों की लीड हासिल कर ली थी। चौथे राउंड के खत्म होने तक यह आंकड़ा बढ़कर 10 हजार से ज्यादा हो चुका था। इतनी बढ़त के बाद भाजपाई झूम उठे, वहीं कांग्रेसी खेमे में मुर्दानी छाई हुई थी। एक के बाद एक सारे बड़े कांग्रेसी नेता मतगणना स्थल से चले गए। खुद बुधसन मरकाम छठवें राउंड के बाद वहां नहीं रुके। तब तक साफ हो चुका था कि कांग्रेस का जीतना असंभव है।

तीसरे स्थान पर रहे हल्बा समाज के निर्दलीय प्रत्याशी सोनूराम नाइक को 7 हजार 307 वोट मिले। कई दलों के संयुक्त प्रत्याशी और गोंडवाना समाज के अध्यक्ष नोहरूराम सोरी को 3 हजार 899 और शिवसेना के महेश ठाकुर को 3 हजार 114 वोट मिले। भाजपा प्रत्याशी सेवकराम ने सभी 11 राउंड में कांग्रेस उम्मीदवार बुधसन से बढ़त बनाए रखी। पांचवे राउंड तक बढ़त ज्यादा रही लेकिन छठवें राउंड से बढ़त में कमी आती गई। प्रथम चक्र में 1614, दूसरे में 2095, तीसरे 3180, चौथे 2874 तथा पांचवें राउंड में 3376 मतों की बढ़त मिली।

छठवें में 2452, सातवें में 1850, आठवें चक्र 1302, नौवें में 1608, दसवें में 1062 और अंतिम राउंड में मात्र 473 वोट की बढ़त सेवकराम को मिली। दोपहर 12.30 बजे अंतिम राउंड की मतगणना के परिणाम जिला रिटर्निग अफसर आर प्रसन्ना ने घोषित कर दिए। अनेक मंत्री, सासंद और सत्ता संगठन के नेताओं तथा कलेक्टर गणोशशंकर मिश्रा, एसपी जीपी सिंह की मौजूदगी में सेवकराम ने निर्वाचन प्रमाण-पत्र प्राप्त किया।

बेहतर चुनावी प्रबंधन

पिछले चुनाव की तुलना में दुगुने वोटों से जीत का मुख्य कारण भाजपा का बेहतर चुनाव प्रबंधन था। चार मंत्री, दो सांसद और सत्ता संगठन के दर्जन भर नेता मोर्चा संभाले हुए थे। मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, रामविचार नेताम, केदार कश्यप और लता उसेंडी चार ब्लाकों में डटे रहे। संसाधनों में भी भाजपा आगे रही। पोलिंग बूथ स्तर तक योजनाबद्ध तरीके से भाजपा ने चुनाव लड़ा।

कार्यकर्ताओं की फौज भी इस चुनाव में गांवों तथा धनोरा जैसे नक्सल प्रभावित इलाकों तक पहुंची। भारी सुरक्षा व्यवस्था के कारण नक्सल प्रभावित सौ मतदान केंद्रों में भी कई सालों बाद पहली बार जमकर मतदान हुआ। भाजपा की तुलना में कांग्रेस का चुनाव प्रबंधन लचर रहा। संसाधन, प्रचार-प्रसार सामग्री और कार्यकर्ताओं की कमी ने कांग्रेस को परेशानी में डाला। बुजुर्ग 67 वर्षीय उम्मीदवार बुधसन को खारिज कर जनता ने युवा प्रत्याशी सेवकराम को चुना।





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