इंदौर. चार वर्ष पहले निर्वाचन कार्य में लगे शिक्षक कमलेश त्रिपाठी को पीटने वाले बड़ा बांगड़दा के सरपंच भगवानसिंह चौहान को न्यायालय द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद अब सरपंच पद से हाथ धोना पड़ सकता है।
नियमों पर गौर करें तो श्री चौहान को तत्काल प्रभाव से पद से हटाया जा सकता है। प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट पद्मेश शाह ने सरपंच श्री चौहान को पिछले साल 16 अगस्त को न्यायालय उठने तक कारावास व 650 रु. अर्थदंड की सजा सुनाई थी जिस पर श्री उन्होंने अपील भी नहीं की। सजा के बाद भी सरपंच रहने पर सुरेश चौकसे ने कलेक्टर विवेक अग्रवाल से तुरंत श्री चौहान का पद छीनने की मांग की है। उनका कहना है कोई भी लोक सेवक सजा के बाद पद पर नहीं रह सकता।
कार्य के दौरान की थी मारपीट
घटना 1 सितंबर 2003 की है जब फरियादी श्री त्रिपाठी जिला निर्वाचन अधिकारी के आदेश से गांधीनगर इंदौर स्थित मतदान केंद्र-163 में शासकीय कार्य कर रहे थे, तभी श्री चौहान ने उनसे मारपीट की थी। बाद में समझौता कर लिया था। न्यायालय ने समझौते में श्री चौहान द्वारा अपराध कबूलने को ध्यान में रखते हुए सजा सुनाई थी। उधर, श्री चौहान का कहना है कोर्ट की सजा के संबंध में मुझे जानकारी नहीं है। मामला श्री त्रिपाठी के खिलाफ चला किंतु बाद में समझौता हो गया था। कोर्ट ने हमें बुलाया था और शाम पांच बजे हम वहां से लौट आए थे।