इंदौर. सुखलिया में बापट चौराहे पर बुधवार रात हुई अमूल पिता गणोश पेंडसे की हत्या के मामले में पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। प्राथमिक स्तर पर हत्या का कारण रंजिश माना जा रहा है। उधर, घटना के लिए मृतक के परिजन पूरी तरह से पुलिस की नाकामी और इसके चलते शहर में बढ़ रहे गुंडाराज को दोषी ठहरा रहे हैं।
घटना की सूचना मिलने पर अन्य परिजन के साथ अमूल के चाचा मधुकर और चाची वैशाली भी मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का दृश्य देखकर वैशाली फफक पड़ीं। इस बीच वहां मौजूद पुलिसकर्मियों पर वे परिवार की अन्य महिलाओं के साथ जमकर बरसीं। उन्होंने कहा शहर में गुंडाराज चरम पर है। ऐसा लग ही नहीं रहा कि पुलिस कहीं है।
हर तरफ लूट और हत्याएं हो रही हैं, निदरेष लोग इनके शिकार बन रहे हैं पर पुलिस सिवाय अवैध वसूली के कुछ नहीं कर रही। क्षेत्रीय लोगों ने भी कहा पुलिस कहती है बल कम है कहां-कहां जाएं पर जहां वे रहते हैं वहां वाहन चालकों से अवैध वसूली में लगे रहते हैं।
मां और भाई ने कहा था- बाहर टहलने मत जा
बुधवार रात 9.30 बजे अमूल पिता तथा एक अन्य रिश्तेदार को इंदौर-नागपुर ट्रेन के लिए रेलवे स्टेशन छोड़ने गया था। वहां से लौटकर अमूल ने मां वंदना तथा भाई डॉ. अक्षय के साथ भोजन किया और टहलने निकल गया। मां और भाई ने मना भी किया लेकिन पांच मिनट में आने का कहकर चला गया।
देर तक नहीं लौटने पर अक्षय ने उसके मोबाइल पर कॉल किया जो बंद मिला। फिर लगाया तो मोबाइल आउट ऑफ कवरेज आया। इस पर वह अमूल को ढूंढ़ने निकल गया। घर से थोड़ी दूर उसे अमूल की चप्पल दिखी और आगे जाने पर एक पुलिस जवान खड़ा दिखा। तब पता चला कि अमूल के साथ घटना हो गई है और उसे एमवायएच भेजा गया है।