इंदौर.
दाहोद-इंदौर और छोटा उदयपुर-धार रेल लाइन की मांग पूरी होने के बाद रतलाम-खंडवा-अकोला रेल मार्ग को ब्रॉडगेज में बदलना पहली जरूरत है। ऐसा होने से इंदौर रेलवे के मुख्य नेटवर्क से जुड़ जाएगा। रतलाम-अकोला आमान परिवर्तन को इसी साल जनवरी में कैबिनेट मंत्रीमंडल ने मंजूर किया है। इस 472.64 लंबे रेलमार्ग को अगले पांच साल (2012 तक) ब्रॉडगेज में बदल दिया जाएगा।
काम समय पर हो सके, इसके लिए मीटर गेज रेल लाइन को ब्रॉड गेज में बदलने का काम आगामी रेल बजट 2008-09 में शामिल करने की जरूरत है। शहर के रेल विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसा होने से दो फायदे होंगे। एक तो समय सीमा में काम पूरा करना आसान होगा और दूसरा देश को एक सीधा, सरल और बहुपयोगी रेल मार्ग मिल सकेगा। पहले चरण में रतलाम-महू लाइन का काम हाथ में लिया जाना चाहिए।
दो साल में पूरा हो काम
रतलाम-खंडवा-अकोला रेल मार्ग को ब्रॉडगेज की मंजूरी मिलने के बाद इस काम के लिए आगामी बजट में पूरी राशि स्वीकृत होना चाहिए। महानगर जन आंदोलन के विमल झांझरी के मुताबिक इसके बन जाने से जम्मू-कश्मीर से रामेश्वरम की दूरी करीब 800 किलोमीटर कम हो जाएगी। उनका कहना है यह काम दो साल में पूरा होना चाहिए। पश्चिम रेलवे सलाहकार समिति के सदस्य नागेश नामजोशी कहते हैं रतलाम-खंडवा ट्रैक गेज कन्वर्शन के साथ इसका हाथोहाथ विद्युतीकरण जरूरी है। दोनों काम आगामी बजट में शामिल हों तो जनता को इसका जल्द फायदा मिल सकेगा।
इंदौर को चाहिए आधारभूत सुविधाएं
इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन के लिए राज्य सरकार की भागीदारी
इंदौर-उज्जैन ब्रॉडगेज ट्रैक का विद्युतीकरण इसी साल पूरा हो
बढ़ते ट्रैफिक के मद्देनजर इस रेलमार्ग का दोहरीकरण भी जरूरी हो गया है
इंदौर का मीटर गेज गुड्स शेड बंद हो गया है। यहां ब्रॉडगेज प्लेटफॉर्म बनाकर दोनों ओर लाइनें डाली जा सकती हैं। ऐसा होने से दो नए प्लेटफॉर्म मिलेंगे
तीन साल पहले स्वीकृत पिट लाइन अब तक नहीं बन पाई है
नए स्टेशन के लिए जगह तय हो
कई ट्रेनों का इंतजार
इंदौर-बंगलुरू वाया हैदराबाद
इंदौर से उदयपुर और अजमेर के लिए प्रतिदिन ट्रेन
इंदौर से जगन्नाथपुरी सुपर फास्ट ट्रेन
इंदौर से कोंकण रेलवे मार्ग होते हुए दक्षिण के लिए ट्रेन
पुणो ट्रेन को सातों दिन चलाने की जरूरत। (हाल ही में रेलवे ने इस ट्रेन को दो से तीन दिन चलाना शुरू किया है। यह फेरा पूरी तरह सफल रहा है।)