भोपाल. राजधानी का क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) आन लाइन होने के बावजूद आम जनता के लिए राहत का सबब नहीं बन पा रहा है। अब भी यहां पुराने हालात ही नजर आते हैं। आम जनता को वाहन संबंधित पंजीयन, टैक्स भुगतान या र्ल्िनग लाइसेंस जैसे कार्र्यो के लिए पहले की ही तरह परेशान होना पड़ता है।
राजधानी के आरटीओ कार्यालय का आलम यह है कि यहां शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए लागू ‘एकल खिड़की’ व्यवस्था चरमरा रही है, वहीं समस्त सरकारी कार्यप्रणाली सिर्फ दलालों के कब्जे में है। यहां वाहन संबंधित काम कराने आने वालों को असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। पुराने र्ढे की उलझी सरकारी कार्यप्रणाली से बचने के लिए लोग मजबूरन दलालों का सहारा लेते हैं। गुरुवार दोपहर भास्कर संवाददाता ने राजधानी के आरटीओ दफ्तर की कार्यप्रणाली, दलालों और आम लोगों की गतिविधियों का जायजा लिया।
सर्वर बंद, लंबी लाइनें
कार्यालय में आम दिनों के मुकाबले आज काफी भीड़ थी। ज्यादातर लोग र्ल्िनग ड्राइविंग लाइसेंस का टेस्ट या स्थाई लाइसेंस के लिए फोटो खिंचवाने आए थे। यहां र्ल्िनग लाइसेंस के लिए आवेदकों का स्मार्ट कार्ड शाखा में रोजाना एक बजे से टेस्ट लिया जाता है। लेकिन आज 12 बजे से कंप्यूटर का सर्वर डाउन था, जिसके चलते लोग मजबूरी में घंटों इंतजार कर रहे थे। सर्वर ठीक होने का जहां टेस्ट देने वाले बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, वहीं स्थाई लाइसेंस के लिए फोटो खींचने का काम भी ठप पड़ा था। नीचे फीस काउंटर पर लंबी-लंबी लाइनें लगी थी। लोगों को फीस भुगतान की रसीद लेने के लिए आधा-आधा घंटा इंतजार करना पड़ रहा था।
धूल खा रही फाइलें ..
कार्यालय की दूसरी मंजिल स्थित हाल में पुराने वाहनों की लाखों महत्वपूर्ण फाइलें धूल खा रही थीं। एक पुरानी फाइल की तलाश में आए अरेरा कालोनी निवासी ओपी दुबे का कहना था कि यहां की हालत देख कर फाइल एक महीने से पहले मिलने की कोई उम्मीद नहीं है।
नहीं मिलते फार्म
र्ल्िनग या स्थाई ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदन फार्म लाइसेंस शाखा में उपलब्ध नहीं होते हैं। इन्हें लेने के लिए दलालों के पास जाना लोगों की मजबूरी है। इसके साथ ही वाहन पंजीयन, स्थानांतरण से संबंधित सभी फार्म दलालों के पास ही मौजूद होते हैं। गुरुवार को भी ऐसा ही नजर आया।