काठमांडू/नई दिल्ली. नेपाल में पुलिस के शिकंजे में फंस चुके गुड़गांव किडनी कांड के प्रमुख आरोपी डॉक्टर अमित कुमार को भारत लाने में देर होगी। साथ ही, उसके ऊपर नेपाल में मुकदमा चलाया जाएगा।
चूंकि नेपाल में किडनी रैकेट को लेकर कोई मामला अमित कुमार के खिलाफ नहीं है इसलिए उसके ऊपर विदेशी मुद्रा के अवैध कारोबार का मामला चलाया जाएगा। गौरतलब है कि गुरुवार रात नेपाल के एक होटल से गिरफ्तार किए गए अमित के पास भारी मात्रा में डॉलर और यूरो में एक चेक बरामद किया गया था।
काठमांडू से खबर मिली है कि नेपाल पुलिस द्वारा पूछताछ किए जाने के बाद अमित ने अपने गुनाह कबूल किए हैं। अमित ने कहा है कि वह अपना किडनी रैकेट भारत से नेपाल स्थानांतरित करना चाहता था और इसके लिए वह अपने एजेंट पंकज झा की मदद ले रहा था। किडनी रैकेट के चार प्रमुख आरोपियों में से अमित, केके अग्रवाल और उपेंद्र हिरासत में लिए जा चुके हैं जबकि एक अन्य सरस अब तक फरार है।
नेपाल ने कहा है कि कोर्ट के फैसले तक अमित को भारत को नहीं सौंपा जाएगा। सूत्रों की मानें तो अमित को भारत लाने में अभी दो से तीन दिनों का वक्त लग जाएगा। उधर, सीबीआई निदेशक का कहना है कि सीबीआई जल्द ही जांच अपने हाथों में ले लेगी।
इससे पहले किडनी का काला कारोबार करने वाले अमित ने अपने बचाव में कहा था कि वह निर्दोष है और अंडरवर्ल्ड के साथ उसका कोई रिश्ता नहीं है। उसने यह भी कहा है कि इस रैकेट में आरोपी उसका भाई डॉ. जीवन नेपाल में नहीं है। हालांकि पुलिस जांच में किडनी के अवैध करोबार चलाने की बात अमित द्वारा मान लिए जाने की खबर है।
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