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मुख्यमंत्री ने किया बॉयकाट

बाड़मेर. मुख्यमंत्री वसुंधराराजे तथा राज्यसभा में विपक्ष के नेता जसवंतसिंह के परिवार के बीच चल रहा टकराव शुक्रवार को एक बार फिर सामने आ गया। उद्यमिता केन्द्र के कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित वसुंधरा ने वहां जसवंतसिंह के पुत्र बाड़मेर-जैसलमेर सांसद मानवेन्द्र की मौजूदगी के कारण बाड़मेर पहुंचकर भी कार्यक्रम में नहीं आईं। हालांकि बाद में ताबड़तोड़ खान मंत्री लक्ष्मीनारायण दवे को मुख्य अतिथि बनाया गया।

केयर्न इंडिया एवं आईएफसी के सहयोग से बाड़मेर में स्थापित हो रहे उद्यमिता केन्द्र के शुभारंभ मुख्यमंत्री को करना था। लेकिन मुख्यमंत्री का काफिला अन्य स्थान पर पंचायतीराज कर्मचारी सम्मेलन में जाकर रुका गया। मानवेंद्र कुछ योजनाओं को जनहित खिलाफ बताकर मुख्यमंत्री का विरोध कर रहे थे। माना जा रहा है कि इसी वजह से वे इस समारोह में नहीं आईं।

ऐसे चल रहा है टकराव

जसवंतसिंह का वसुंधराराजे से चल रहा शीतयुद्ध उस समय तेज हो गया जब उनकी पत्नी शीतलकंवर ने वसुंधरा को पोस्टर में अन्नपूर्णा देवी के रूप में दर्शाए जाने पर एफआईआर दर्ज करवाई। जसवंतसिंह ने मुख्यमंत्री के विरोधी धड़े के सभी प्रमुख भाजपा नेताओं को बाड़मेर जिले के जसोल में अपने फार्म हाउस पर सामाजिक कार्यक्रम के बहाने आमंत्रित किया व उनसे गुप्त मंत्रणा की। इस दौरान हुआ रियाणा का आयोजन विवादों के घेरे में आ गया।

मानवेन्द्रसिंह ने बाड़मेर में निर्माणाधीन राजवेस्ट पावर प्लांट जैसी महत्वपूर्ण योजना का विरोध करने के साथ प्रतिबंधित क्षेत्र में स्थित इस प्लांट में काम करने वाले चीनी इंजीनियरों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवाया। वह एक और प्रस्तावित बड़ी परियोजना कपूरड़ी पावर प्लांट की भी खिलाफत कर रहे हैं।

यही नहीं बाड़मेर में ऑयल रिफाइनरी लगाए जाने की योजना के भी वह खुल कर विरोध में हैं। दूसरी ओर उनकी पार्टी की सरकार राज्य में औद्योगिक माहौल बनाकर बड़े-बड़े घरानों को आमंत्रित करने का सपना संजोए हुए है।

चीनी इंजीनियरों को अनुमति से मानवेन्द्र को करारा झटका

चीनी इंजीनियरों को बाड़मेर में ठहराव संबंधी गृह मंत्रालय की अनुमति से सांसद मानवेन्द्रसिंह की राजवेस्ट विरोधी मुहिम को करारा झटका लगा है। चीनी इंजीनियरों के खिलाफ मामला दर्ज कराने के अलावा उन्होंने इन्हें देश से निकालने के लिए प्रधानमंत्री व गृह मंत्रालय को पत्र भी लिखा था। खबर मिली है कि चीनी इंजीनियर अब बाड़मेर में ही कार्य करेंगे।

सांसद मानवेन्द्रसिंह से बातचीत

सीएम आपकी मौजूदगी वाले कार्यक्रम में क्यों नहीं आई?
सांसद: संभवतया उनके पास समय की कमी रही होगी। वैसे भी वह लेट हो चुकी थीं।

आप केयर्न के साथ हैं, जबकि अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं का विरोध कर रहे हैं, क्या कारण है?
केयर्न इंडिया ने स्थानीय जनता के विकास के लिए काफी कार्य किए हैं। इसी के सहयोग से शुरू किए गए उद्यमिता केन्द्र का फायदा स्थानीय बेरोजगार युवकों को मिलेगा। राजवेस्ट जैसी निजी कंपनियों का विरोध जारी रहेगा।

चीनी इंजीनियरों को परमिशन मिल जाने पर आगे क्या करेंगे?
गृह विभाग से मिली इस अनुमति की जानकारी नहीं है, अगर ऐसा हुआ है तो इसका भी विरोध किया जाएगा। रिफाइनरी इस शर्त पर ही बाड़मेर में लगाने के पक्ष में हूं कि राज्य को फायदा हो। जिस तरह की शर्र्तो पर रिफाइनरी लगाने की बात कही जा रही है वह गलत है।





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