HomeNewsChhattisgarhRaipur Raipur

इस्पात उत्पादन में भारत होगा नंबर 2

भिलाई. केंद्रीय इस्पात, उर्वरक व रसायन मंत्री रामविलास पासवान ने कहा है कि वर्ष 2015 तक इस्पात उत्पादन के क्षेत्र में भारत दुनिया का दूसरे नंबर का देश हो जाएगा। भिलाई स्टील प्लांट की आधुनिकीकरण व विस्तारीकरण परियोजना की शुरुआत करने पहुंचे श्री पासवान ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि देश में इस्पात का उत्पादन उसकी खपत के मुकाबले अभी काफी कम है।

इसे देखते हुए 2010 तक सेल सहित तमाम कंपनियां मिल कर 100 मिलियन टन स्टील बनाएंगी। 2020 तक इसे 200 मिलियन टन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए भारत निश्चित तौर पर 2015 तक विश्व का दूसरे नंबर का इस्पात उत्पादक देश बन जाएगा। श्री पासवान ने बताया कि फिलहाल सेल के विस्तारीकरण व आधुनिकीकरण के लिए अगले तीन साल में 51 हजार करोड़ रुपए निवेश कर रहे हैं।

जरूरत के मुताबिक इसे बढ़ाया जाएगा। रावघाट के सवाल पर श्री पासवान ने बताया कि कुछ औपचारिकता बची है, जो जल्द पूरी कर ली जाएगी। बीआरएल के विलय के संबंध में उन्होंने बताया कि प्रक्रिया लगभग पूर्ण होने को है, कुछ औपचारिकता वित्त मंत्रालय में बची है। एचएससीएल की वित्तीय स्थिति बेहतर बताते हुए श्री पासवान ने कहा कि वहां वीआरएस के लिए जरूरी राशि पहले ही दी जा चुकी है।

इस्पात की कीमतों पर श्री पासवान ने किसी तरह के नियामक आयोग की जरूरत से इनकार किया। उन्होंने कहा कि स्टील की कीमतें पहले से ही डि-कंट्रोल रहती हैं। इसके बावजूद इस्पात उत्पादकों को मिलकर नियामक का काम करना चाहिए, जिससे कीमतें काबू में रहे।

श्री पासवान ने बताया कि केंद्र के स्टील डेवलपमेंट फंड में वर्तमान में 8 हजार करोड़ रुपए पड़े हुए हैं। इस राशि को रिसर्च एंड डेवलपमेंट में लगाने कहा गया है। सेल के विभिन्न ज्वाइंट वेंचर की चर्चा करते हुए श्री पासवान ने कहा कि कोकिंग कोल के क्षेत्र में कोल इंडिया, एनएमडीसी, एनटीपीसी, आरआईएनल व सेल ने हाथ मिलाया है।

देश में लगने वाले नए इस्पात संयंत्रों के लिए भू-अर्जन में आने वाली दिक्कतों पर श्री पासवान ने कहा कि ज्यादा दिक्कत वहां है, जहां-जहां आयरन ओर के डिपाजिट हैं। उन्होंने बताया कि माइनिंग पालिसी में राज्य सरकारों को ज्यादा अधिकार है, इस वजह से हमें झारखंड की चिरिया माइंस के मामले में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने बताया कि तमाम परिस्थितियों को देखते हुए नई माइनिंग पालिसी का ड्राफ्ट तैयार है और यह कैबिनेट में विचाराधीन है। उन्होंेने कहा कि नए स्टील प्लांट की स्थापना के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्ध है और किसी तरह की बाधा नहीं आने दी जाएगी।

देशमुख सरकार शिथिल : श्री पासवान ने भिलाई स्टील प्लांट के आयोजन में राजनीतिक सवालों को टालते हुए कहा कि अभी सबसे गंभीर मसला महाराष्ट्र का है। राज ठाकरे वहां राजनीति नहीं बल्कि गुंडागर्दी कर रहे हैं। इससे निपटने में महाराष्ट्र की देशमुख सरकार शिथिल साबित हो रही है। उन्होनें बताया कि कैबिनेट की बैठक में भी यह मुद्दा उठ चुका है तथा प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की गई है।

भिलाईवासियों को तोहफा

श्री पासवान ने यहां सार्वजनिक समारोह में भिलाईवासियों को कई सौगातें दीं। उन्होंने बहुप्रतीक्षित लीज का छठा फेस मंच से ही मंजूर कर दिया। भिलाई स्टील प्लांट की स्वर्ण जयंती के मौके पर उपहार की मांग पर उन्होंने प्रत्येक कर्मी को 10 ग्राम सोने का सिक्का व 2 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की।

साथ ही कर्मचारी से अफसर पदोन्नति में लिखित परीक्षा की बाध्यता समाप्त करने की मांग पर सहमति जताई। उन्होंने इस मुद्दे पर सेल चेयरमैन से कहा कि अगर बिना लिखित परीक्षा के प्रमोशन देने की पुरानी पद्धति ठीक है तो उसे देख लीजिए कि उसे कैसे बरकरार रखा जा सकता है।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: