अजमेर. जिला प्रशासन और नगर सुधार न्यास से जमीन आवंटित नहीं होने पर अब हाउसिंग बोर्ड खुद एक हजार बीघा भूमि अवाप्त करेगा। जमीन नहीं मिलने के कारण बोर्ड लंबे समय से नई आवासीय योजना नहीं बना पाया है।
बोर्ड ने पहले जिला प्रशासन से आवासीय योजना के लिए जमीन मांगी थी,लेकिन प्रशासन ने यह कह कर इनकार कर दिया कि सरकारी जमीन नगर सुधार न्यास को हस्तांतरित कर दी है। इस पर हाउसिंग बोर्ड ने न्यास से जमीन मांगी, लेकिन पूर्व में जमीन को लेकर हुए विवाद के कारण न्यास ने भी मना कर दिया।
दोनों तरफ से जमीन नहीं मिलने पर आखिर बोर्ड ने न्यास की तर्ज पर अब स्वयं भूमि अवाप्त करने का फैसला किया है। कायड़ में एक हजार बीघा भूमि चिह्न्ति की गई है। जमीन के मालिकाना हक के संबंध में तहसील से जानकारी मांगी है।
96 के बाद से कोई प्रोजेक्ट नहीं
बोर्ड ने वर्ष 1996 में पंचशील नगर योजना शुरू की थी। इसके बाद बोर्ड की कोई आवासीय योजना नहीं आई। जमीन नहीं मिलने के कारण बोर्ड पुरानी योजनाओं में बचे भूखंडों और आवासों को बेचकर काम चला रहा है। बोर्ड के आवासीय अभियंता एसके सक्सेना का कहना है कि तहसील से जानकारी आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।