इंदौर. 20 हजार करोड़ के एनबॉट घोटाले में आरोपों से घिरे उद्योगपति कैलाश शाहरा से गृहमंत्री हिम्मत कोठारी की मुलाकात को लेकर बवाल मच गया है। कांग्रेस ने उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की है। वहीं उन्होंने इसे सामान्य मुलाकात बताया।
तय कार्यक्रम के मुताबिक श्री कोठारी को शनिवार दोपहर इंदौर आकर भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर पुलिस अधिकारियों की बैठक लेना थी। शनिवार सुबह कार्यकर्ताओं से मुलाकात अचानक रद्द कर दी गई।
श्री कोठारी दोपहर में देवास से इंदौर आए और श्री शाहरा के ओल्ड पलासिया निवास पहुंचे। आधे घंटे बाद एसपी आफिस के लिए निकले और करीब 40 मिनट अफसरों के साथ रहे। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता के.के. मिश्रा ने कहा जिस व्यक्ति पर आपराधिक प्रकरण दर्ज है और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो जांच शुरू कर चुका है उसके यहां गृहमंत्री का जाना कतई उचित नहीं।
इस मुलाकात से इंदौर में आर्थिक माफियाओं के साथ भाजपा के गठजोड़ की पुष्टि हो गई। आम जनता का भरोसा कानून में बना रहे इसलिए जरूरी है उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया जाए।
‘हां गया था’
श्री कोठारी ने एसपी ऑफिस में संवाददाताओं से चर्चा में स्वीकारा श्री शाहरा से मिलने गया था लेकिन इससे जांच प्रभावित नहीं होगी। मेरी मुलाकात को गलत ढंग से प्रचारित किया जा रहा है। मैं श्री खंडेलवाल के यहां कथा में भी जा रहा हूं। उनका कोई प्रकरण परिवहन विभाग से जुड़ा है। इस पर कोई ये अर्थ लगाए कि उनका हित सध जाएगा तो मैं क्या कर सकता हूं।
सोपा की मांग- एनबॉट घोटाले की जांच सीबीआई से कराएं
सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) ने एनबॉट में हुए 20 हजार करोड़ के शेयर घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। शनिवार को सोपा के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय संसदीय कार्य एवं कार्मिक राज्यमंत्री सुरेश पचौरी को घोटाले संबंधित तमाम दस्तावेज पेश किए।
उन्हें 1 फरवरी को फॉरवर्ड मार्केट कमीशन के चेयरमैन बी.सी. खटूआ की इंदौर यात्रा के दौरान सोपा कोषाध्यक्ष सत्यनारायण राठी के साथ कैलाश शाहरा व साथियों द्वारा की गई हरकत की जानकारी भी दी। इस पर श्री पचौरी ने आश्चर्य जताया और कहा कोई व्यक्ति कानून हाथ में कैसे ले सकता है।
सदस्यों ने बताया वे नौ साल से संगठन पर कब्जा किए बैठे हैं। नियमानुसार अध्यक्ष का इस व्यवसाय से कोई रिश्ता नहीं होना चाहिए। उसकी कोई कंपनी एनबॉट में रजिस्टर्ड भी नहीं होना चाहिए। फिर भी उन्होंने अपनी 14 कंपनियों को रजिस्टर्ड करा लिया। प्रतिनिधिमंडल में सोपा प्रवक्ता राजेश अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष डेविश जैन, कोषाध्यक्ष श्री राठी व कैलाश गर्ग शामिल थे।