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नियुक्तियों के साथ सूचना देने में भी कोताही

बीकानेर. शिक्षक नियुक्तियों में गड़बड़ियों के बाद सूचना आयोग को समय पर सूचना नहीं भेजने के मामले में भी प्रारंभिक शिक्षा विभाग में लापरवाही उजागर हुई है। जानकारी के अनुसार सूचना आयोग को समय पर सूचना भेजने के मामले में लापरवाही बरतने पर जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक कार्यालय के दो कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनहीनता की कार्रवाई की गई है।

शिक्षक संघ राष्ट्रीय के जिला मंत्री रवि आचार्य ने सूचना के अधिकार के तहत कुछ सूचनाएं जिला शिक्षा अधिकारी से मांगी थी। समय पर सूचनाएं नहीं मिलने के कारण आचार्य ने सूचना आयोग के समक्ष अपील कर दी।

उसके बाद भी सूचना नहीं देने को कार्य के प्रति गंभीर लापरवाही मानते हुए डीईओ तेजासिंह ने संस्थापन्न शाखा के कनिष्ठ लिपिक गोविन्दसिंह तथा वरिष्ठ लिपिक जगत माथुर के खिलाफ राजस्थान असैनिक सेवाएं के नियम 16/18 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। इन कार्मिकों को संस्थापन्न के महžवपूर्ण पदों से हटाने की तैयारी की जा रही है। वांछित सूचना नहीं देने को पदीय कर्तव्य के प्रति लापरवाही माना गया है।

आरोप है कि जिला सूचना अधिकारी एवं अपील अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा की गरीमा धुमिल किया है। निर्धारित समय में सूचना नहीं देने पर विभाग को निशुल्क सूचना देनी पड़ी, जिससे सरकार को आर्थिक हानि और सेवा नियमों का उल्लंघन हुआ है। अनुशासनहीनता की कार्रवाई बैकडेट में की गई है। आचार्य असंतोष जाहिर करते हुए कहा कि सूचना कार्यालय से न देकर इधर-उधर से जुटाकर दी गई है, जो पूरी नहीं है। इस मामले में डीईओ को भी कारण बताओ नोटिस मिल चुका है।

कुछ और संशोधन की तैयारी

बीएड अभ्यर्थियों के पदस्थापन्न के कुछ प्रकरणों में फिर से संशोधन की तैयारी की जा रही है। डीईओ को गुरुवार और शुक्रवार को दिनभर आयुक्तालय में बैठाए रखा। प्रभावशाली लोगों और चहेतों को सुविधाजनक स्थानों पर लगाने तथा मेरिट में उच्च होने के बावजूद अभ्यर्थियों को दूरस्थ स्थानों पर लगाने की शिकायतों राज्य सरकार को की गई थी। उसके बाद दो दर्जन से अधिक शिक्षकों के संशोधन आदेश जारी किए गए।

इसमें झुंझुनूं के शिक्षकों को विशेष तरजीह देने के मामले सामने आए हैं। एक शिक्षिका के दो बार संशोधन आदेश जारी किए गए हैं। हैरत बात यह है कि आयुक्त ने कोटा के उपनिदेशक से सभी प्रकरणों की जांच करवाने की बात की थी लेकिन अब तक जांच शुरू नहीं हो पाई है। इसके अलावा गंभीर मामले में निलंबित एक शिक्षिका को बहाल करने का मामला भी सामने आया है।

शिक्षक नियुक्तियों में गड़बड़ियों के मामले में डीईओ तेजासिंह को आयुक्तालय से कारण बताओ नोटिस जारी करने की चर्चा है लेकिन डीईओ का कहना है कि उन्हें कोई नोटिस नहीं मिला है।





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