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कृत्रिम दांत भी अब असली जैसे

उदयपुर. देश में दंत चिकित्सा दिन ब दिन आधुनिक होती जा रही है। माइक्रो टेक्नोलॉजी ने कृत्रिम दांतों को भी असली जैसा ही सहज बना दिया है। यह बात चेन्नई के ख्यात दंत चिकित्सक डॉ. रंगराजन ने यहां रेलवे ट्रेनिंग स्कूल में दर्शन डेंटल कॉलेज की इंडियन प्रोस्थोडेंटिक सोसायटी की 10वीं नेशनल पीजी स्टूडेंट कांफ्रेंस के विशेष सत्र में कही।

उन्होंने कहा कि दंत चिकित्सा की आधुनिक तकनीक ने दांतों से संबंधित हर तरह की बीमारी व विकृति के उपचार खोज लिए हैं। नई तकनीक से कृत्रिम दांत अधिक सुविधाजनक बनाए जाने लगे हैं। इस अवसर पर डॉ. सुहासिनी ने रिवोल्यूशन विषयक, डॉ. काशीनाथ ने इंप्रेशन टेक्निक, डॉ. ई. सोलोमन ने सेंट्रीक रिलेशन विषयक अपने रिसर्च पत्रों का वाचन किया।

कांफ्रेंस नया सीखने का माध्यम

सुबह 9 बजे सम्मेलन का उद्घाटन मुख्य अतिथि राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष डा. गिरिजा व्यास ने किया। इस अवसर पर दर्शन डेंटल कॉलेज के प्रबंध निदेशक डॉ. बीआर अग्रवाल, ट्रस्टी जेके तायलिया विशिष्ट अतिथि थे। अध्यक्षता इंडियन प्रोस्थोडेंटिक सोसायटी के अध्यक्ष के डॉ. पद्मनाभन ने की। मुख्य अतिथि श्रीमती व्यास ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम कुछ नया सीखने के अच्छा जरिया होते हैं।

उन्होंने अपेक्षा की कि कांफ्रेंस में वरिष्ठ दंत विशेषज्ञों का सान्निध्य मेडिकल स्टूडेंट के लिए हितकर साबित होगा। इस अवसर पर डॉ. पद्मनाभन ने कांफ्रेंस के उद्देश्यों व प्रोस्थोडेंटिक सोसायटी के कार्र्यो पर प्रकाश डाला। संचालन डॉ. मिनाक्षी ने किया तथा आभार डॉ. सुरेश ने माना।

समापन आज, क्लीनिकल प्रदर्शनी लगेगी

कांफ्रेंस का समापन रविवार को दर्शन डेंटल कॉलेज सभागार में होगा। इस अवसर पर गुरुकुल शेषन का विशेष आयोजन होगा। शेषन में डॉ. पद्मनाभन पीजी स्टूडेंट की जिज्ञासाओं का समाधान करेंगे। इस मौके पर पोस्टर व क्लिनिकल प्रदर्शनी लगाई जाएगी जिसमें दस श्रेष्ठ प्रस्तुतियों का चयन कर उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा।





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