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मॉल्स कल्चर सरकार की साजिश : मेधा

उदयपुर.patkar सामाजिक कार्यकर्ता एवं नर्मदा बचाओ आंदोलन से जुड़ी मेधा पाटकर ने कहा कि देश में मॉल्स संस्कृति सरकार की साजिश है। एक ओर केंद्र सरकार देश में रोजगार गारंटी कार्यक्रम को भुनाकर सहानुभूति लेने में जुटी है वहीं शहरों में खुदरा, छोटे व्यापारियों को सड़क पर लाने की तैयारी की जा रही है।

उन्होंने ‘भास्कर’ से भेंट में कहा कि रिलायंस फ्रेश में फल और सब्जियां बेच बड़े घराने क्या करना चाहते हैं? देश में ज्यादातर लोग एक दिन की कमाई पर अपना पेट भरते हैं। दरअसल सरकार इनकी रोटी-रोटी छिनने पर आमादा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बड़ी कंपनियों की एजेंसी बन गई है। रिटेल कारोबार गरीबों की इकोनोमी है।

सब्जी बेचकर अपने परिवार का पेट भरने वाले को यदि कमाई नहीं मिली तो आखिर वह क्या करेगा? आत्महत्या या हत्या या और कोई अपराध को मजबूर होगा। नर्मदा आंदोलन के बारे में मेधा ने कहा कि नर्मदा घाटी में करोड़ों के भ्रष्टाचार की पोल खुली है। आज बांध का काम वहीं रूका हुआ है। सरदार सरोवर की ऊंचाई गेट्स लगाकर 17 मीटर बढ़ाना केंद्र ने नामंजूर क्यों किया? क्योंकि आज भी सरदार सरोवर के डूब क्षेत्र में 2 लाख से अधिक लोग रह रहे हैं।

नर्मदा ट्रिब्यूनल और सुप्रीम कोर्ट का हर फैसला कहता है कि बिना पुनर्वास किसी विस्थापित की संपदा, घर, खेत, पेड़ को डूबोया नहीं जा सकता। मेधा पाटकर ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार के पास झाबुआ के डूब क्षेत्र में आदिवासियों को देने के लिए जमीन नहीं है तो बांध 122 मीटर तक बढ़ाया कैसे? 2600 परिवारों ने नकद मुआवजे से जमीन खरीदी है यह झूठ बात हलफनामे में सुप्रीम कोर्ट में रखकर सरकार ने कोर्ट की अवमानना की है। इसकी क्या सजा है? उन्होंने कहा कि नर्मदा बचाओ आंदोलन जारी रहेगा।

पुलिस राज्य की दमनकारी एजेंसी

राजस्थान पुलिस कानून के बारे में उन्होंने कहा कि कानून की भूमिका भ्रामक है। राजस्थान पुलिस विधेयक-2007 की धारा-3 में भी पुलिस को एक फोर्स बताया गया है जो राज्य सरकार की एक दमनकारी एजेंसी के रूप में काम करेगी। यही बात धारा-12 में और साफ कही गई है जिसमें सभी मामलों में राज्य सरकार के निर्देश को बरकरार रखा गया है।

यह सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रकाश सिंह बनाम भारत सरकार एवं अन्य के निर्णय में दिए निर्देशों के विपरीत है। न्यायालय ने अपने निर्देशों में कहा था कि कानून एवं व्यवस्था तथा अनुसंधान अलग-अलग करने के निर्देश दिए गए थे इन्हें अलग-अलग नहीं किया गया।





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