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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़. चीफ इन्फॉर्मेशन कमिश्नर (सीआईसी) वजाहत हबीबउल्लाह का कहना है कि चंडीगढ़ के प्रशासक पब्लिक आथॉरिटी हैं और तमाम पब्लिक आथॉरिटीज राइट टू इन्फॉर्मेशन एक्ट (आरटीआई) के तहत आती हैं।
यहां तक की भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का दफ्तर भी आरटीआई के दायरे में है और वहां कानून के तहत पब्लिक इन्फॉर्मेशन ऑफिसर तैनात हैं। वजाहत हबीबउल्लाह शनिवार को चंडीगढ़ प्रेस क्लब में कंज्यूमर फोरम चंडीगढ़ की ओर से आयोजित एक वर्कशॉप में हिस्सा लेने आए थे।
जब उनका ध्यान चंडीगढ़ प्रशासक के दफ्तर में पब्लिक इन्फॉर्मेशन ऑफिसर नियुक्त न होने से उठे विवाद की ओर दिलाया गया, तो वे बोले कि इस केस के बारे में वे तभी कुछ बता पाएंगे जब यह केस उन तक आएगा।
केस देखे बगैर वे ज्यादा कुछ नहीं कह सकते, लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि अगर प्रशासक का दफ्तर है तो वहां एक रेगुलर कर्मचारी को पब्लिक इन्फॉर्मेशन ऑफिसर का काम सौंपा जाना चाहिए। गौरतलब है कि र्ब्िनग ब्रेन सोसायटी ने प्रशासक के दफ्तर में पब्लिक इन्फॉर्मेशन ऑफिर की नियुक्ति न होने का मामला उठाया था।
आरटीआई एक्ट के बारे में चंडीगढ़ की दिल्ली से तुलना करते हुए हबीबउल्लाह ने कहा कि चंडीगढ़ कहीं ज्यादा बेहतर है। यहां अच्छे पढ़े-लिखे लोग रहते हैं और आरटीआई एक्ट को ज्यादा बेहतर तरीके से समझ सकते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में एक एनजीओ की स्टडी में यह बात सामने आई है कि हरियाणा आरटीआई में देश भर में पहले नंबर पर है। हिमाचलप्रदेश और उत्तरांचल भी अच्छा काम कर रहे हैं, जबकि गुजरात, मध्यप्रदेश और झारखंड इस मामले में अभी पिछड़े हुए हैं और वहां काफी सुधार की जरूरत है।