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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़.
इसे कानून का लचीलापन कहें या फिर कुछ और। जब पूरा देश अमित को फांसी पर लटकाने की मांग कर रहा है तब कानून उसे ज्यादा से ज्यादा 10 साल की सजा दे सकता है। सीबीआई ने अमित के खिलाफ जिन धाराओं के तहत केस दर्ज किया है, उनमें दोषी पाए जाने पर यही सजा बनती है।
अमित कुमार के खिलाफ सीबीआई ने ह्युमन ऑर्गन ट्रांसप्लांटेशन एक्ट (होटा) 1994 और आईपीसी की अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। इन धाराओं में अगर उसका जुर्म साबित हो जाता है तो वह 10 साल से ज्यादा जेल में नहीं रहेगा।अमित का मेडिकल प्रेक्टिस का लाइसेंस कैंसिल भी किया जा सकता है।
जुर्म कानून सजा
अवैध तौर पर बंदी बनाना सेक्शन 342 (आईपीसी) 1 साल की सजा।
धोखाधड़ी सेक्शन 420 (आईपीसी) ज्यादा से ज्यादा 7 साल सजा।
खतरनाक हथियार से सेक्शन 326 (आईपीसी) ज्यादा से ज्यादा 10 जख्मी करना साल सजा, जुर्माना
अवैध किडनी ट्रांसप्लांट 7 साल सजा और 20 हजार जुर्माना