जालंधर. लश्कर के आतंकी जल्द ही पंजाब में बड़ी वारदात की फिराक में हैं। मुजफ्फराबाद में चल रहे लश्कर के चार कैंपों में बब्बर खालसा इंटरनैशनल के आतंकियों ने प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया है। इन कैंपों में करीब खालिस्तानी आतंकी प्रशिक्षण ले रहे हैं।
इनमें 25 पाकिस्तानी, 10 कैनेडियन और 10 भारतीय युवक हैं। लाहौर के चौबुर्जी चौक स्थित लश्कर के हैडक्वार्टर में 1 फरवरी को हुई बैठक में फैसला लिया गया कि लश्कर अब खालिस्तानी संगठनों के साथ मिल कर काम करेगा।
बैठक में लश्कर चीफ प्रो. हाफिज सईद, आईएसआई के डिप्टी चीफ मेजर जनरल वशीद अरशद और बब्बर ख्रालसा के चीफ वधावा सिंह शामिल थे। बैठक के बाद बब्बर खालसा ने मुजफ्फराबाद में लश्कर के अशकरी विंग के मसकत कैंप में अपने लोगों को ट्रेनिंग लेने भेजा है। इनमें वधावा सिंह का बेटा जतिंदर सिंह उर्फ मुखी भी है।
पंजाब के लिए तैयार किए 117 आतंकी
पंजाब में वारदात करने के लिए लश्कर ने जिन 117 आतंकियों का विंग बनाया है, उनमें अल-बदर का कुख्यात आतंकी अब्दुला और लश्कर के गाजी व जावेद इस्लामी भी हैं। गाजी व इस्लामी सऊदी अरब के हैं और पांच साल से कश्मीर में सक्रिय हैं। ये बड़े विस्फोटों की योजना बनाने के माहिर माने जाते हैं।
इन्हें नेपाल के रास्ते यहां भेजने की तैयारी की गई है। पंजाब आने के बाद इन्हें विस्फोटक एवं हथियार पहुंचाने का जिम्मा सीमा पर सक्रिय हैरोइन तस्करों को दिया है। ये आतंकी पंजाब में बब्बर खालसा नैटवर्क से मिलकर काम करेंगे।
नया नाम मरकज-उद-दवा
लश्कर ने अपने दो विंग बनाने के बाद अब अपना नाम भी बदलकर मरकज-उद-दवा कर लिया है। लश्कर चीफ को आईएसआई का पूरा समर्थन है। इसके एवज में लश्कर बलूचिस्तान में पाक सेना की मदद कर रहा है।
निशाने पर बादल और तीन बाबे
पाक खुफिया एजैंसी आईएसआई ने पंजाब की शांति भंग करने के लिए मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर बादल के अलावा बाबा राम रहीम, बाबा आशुतोष, बाबा प्यारा सिंह भनियारावाला की हत्या का काम लश्कर के हवाले किया है। वहीं, खुफिया रिपोर्ट यह भी बताती है कि लश्कर तथा अन्य कश्मीरी आतंकियों को पंजाब के हवाला कारोबारियों के जरिये पैसा मिल रहा है।
>> लश्कर तथा बब्बर खालसा के बीच तालमेल की जानकारी मिली है। राज्य में चौकसी रखी जा रही है।
एन.पी.एस. औलख, डीजीपी