मुंबई/पुणो/ नई दिल्ली.
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे के उत्तर भारतीयों के खिलाफ बयानों का सिलसिला थमा भी नहीं था कि शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने नया बयान देकर इस मामले को और भड़का दिया है। उद्धव ने चेताया है कि उनकी पार्टी मुंबई एयरपोर्ट के मॉडर्नाइजेशन के नाम पर बाहर राज्यों से श्रमिकों का बुलाया जाना कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
इस काम के लिए करीब एक लाख नौकरियां सृजित की जानी हैं। अगर बाहरी राज्यों से श्रमिक आए तो उन्हें कारगो प्लेन में पार्सल बनाकर वापस भेज दिया जाएगा। शिवसेना विकास के खिलाफ नहीं है परंतु यह विकास मराठी हितों को दरकिनार करते हुए नहीं होना चाहिए। महाराष्ट्र के श्रमिक इससे प्रभावित नहीं होने चाहिए। एयरपोर्ट पर भारतीय कामगार सेना के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने रविवार को यह बात कही।
मुकाबले के मूड में कांग्रेस-राकांपा :
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के नेता राज ठाकरे की उत्तर भारतीयों को दी गई धमकी कम से कम पुणो में तो काम कर रही है। एमएनएस कार्यकर्ताओं के र्दुव्यवहार के कारण बिहार के हज्जाम और बढ़ई घर लौटने लगे हैं। इससे नियोक्ता हैरत में हैं। महाराष्ट्र नाई संघ की नगर इकाई के अध्यक्ष कृष्णकांत जगताप ने बताया, ‘मुझे उम्मीद है कि यह समस्या अस्थाई है।’ इसी तरह अंदरूनी साज-सज्जा के ठेके लेने वाले एक राजस्थानी कारपेंटर को यहां रहने में तब असुरक्षा महसूस हुई, जब उसके चार बिहारी साथियों से र्दुव्यवहार किया गया था। उन्होंने बताया, ‘वे आतंकित थे, इसलिए बिहार रवाना हो चुके हैं। हालांकि उन्होंने मामला ठंडा होने पर लौटने का वादा किया है’।
डीसीपी (विशेष शाखा) आरएस खैरे के मुताबिक, पुणो में उत्तर भारतीयों पर हमले की एक भी रिपोर्ट नहीं मिली है। ऐसी घटनाएं नहीं हों, यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। ‘भूमि पुत्र’ कहलाने के हक को लेकर शिव सेना और एमएनएस के बीच छिड़ी लड़ाई से कांग्रेस और राकांपा भी चिंता में पड़ गई हैं।
साइन बोर्ड पर कालिख पोती :
राकांपा के वरिष्ठ नेता जल्द ही पार्टी अध्यक्ष शरद पवार के साथ बैठक कर उद्धव और राज के बीच छिड़े संघर्ष का मुकाबला करने की रणनीति तय करने जा रहे हैं। उधर, कांग्रेस प्रवक्ता संजय निरुपम के मुताबिक, राज्य प्रशासन राज के खिलाफ कार्रवाई में पीछे नहीं रहेगा। इस बीच शिव सैनिकों ने हवाई अड्डे पर मराठी में साइन बोर्ड लिखने की मांग के साथ छह साइन बोर्डे पर कालिख पोत दी है।