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Indians Abroad Indians Abroad दुबई.बहरीन के लिए तय किए गए100 दीनार की तर्ज पर भारत सरकार खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीय अकुशल कारीगरों का न्यूनतम वेतन तय करने पर विचार कर रही है। रविवार को समुद्रपारीय मामलों के मंत्री वायलार रवि ने यह जानकारी दी।
यहां एक दैनिक समाचार पत्र को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि खाड़ी के सभी देशों में भारतीय राजनयिक मिशनों से इस संबंध में अपनी सिफारिशें भेजने को कहा गया है। रवि ने कहा कि यह कदम समुद्रपारीय देशों में काम करने वाले भारतीयों, खासकर अकुशल कारीगरों के अधिकारों के संरक्षण के लिए उठाया जा रहा है। न्यूनतम वेतन के निर्धारण में उन देशों के जीवनस्तर तथा आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि बहरीन में भारतीय दूतावास के अधिकारी न्यूनतम वेतन 100 दीनार (10,000 रुपए) तय करवा चुके हैं।
यूएई को जरूरत है कामगारों की
यूएई जाने की इच्छा रखने वाले भारतीय कामगारों के लिए अच्छी खबर है कि यूएई को रियल एस्टेट क्षेत्र में अगले पांच वर्षो में करीब 60 लाख कामगारों की जरूरत पड़ेगी। देश में फिलहाल 27 लाख विदेशी कामगार हैं, जिनमें से 80 फीसदी इसी क्षेत्र में लगे हैं।
‘खलीज टाइम्स’ ने एक भवन निर्माण कंपनी के अधिकारी के हवाले से बताया है कि जब 100 कामगारों की जरूरत होती है तब श्रम मंत्रालय से 150 कामगारों के लिए परमिट मांगा जाता है।