इंदौर. क्राइम ब्रांच द्वारा शनिवार को पकड़े गए अंतरराज्यीय चोर गिरोह से जारी पूछताछ में पुलिस को इंदौर में सक्रिय अन्य बड़ी आदिवासी गैंग के सुराग मिले हैं। धार पुलिस की इन बदमाशों से लिप्तता का मुद्दा उठने पर आईजी अनिल कुमार ने जांच कराए जाने की बात कही। शहर में डेढ़ साल से सक्रिय धार जिले के चोर गिरोह के तीन बदमाश सोहन, छोटिया और इंदर को मुखबिर से मिली सूचना पर क्राइम ब्रांच की टीम ने पकड़ा था।
जांच में उनसे कई चौंकाने वाले राज उजागर हुए। सूत्र बताते हैं क्राइम ब्रांच को बदमाशों से इंदौर में सक्रिय धार के अन्य आदिवासी गिरोह का पता चला है। बदमाशों ने पुलिस को बताया धार जिले के गंधवानी, बाग और टांडा में रहने वाले अधिकांश बदमाश इंदौर में ही आकर वारदात करते हैं। बड़ी बात यह है कि आरोपियों के अनुसार सभी गिरोह के इंदौर में मूवमेंट की जानकारी क्षेत्रीय पुलिस को है। अपराधियों का दबदबा कहा जाए या पुलिस से मिलीभगत, उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती।
धार से इंदौर अपडाउन
आरोपियों ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने तो इंदौर में किराए का एक मकान ले रखा था लेकिन कुछ गिरोह ऐसे भी हैं जो रोजाना धार से इंदौर आते हैं और वारदात के बाद आसानी से निकल जाते हैं। दूसरे गिरोह के बदमाशों के पास भी चोरी के रुपए से खरीदी गई कारें हैं। वे कार से इंदौर आते और वारदात कर निकल जाते। कार में होने से इंदौर के चेक नाके पर कोई पूछपरख नहीं करता और धार की पुलिस को तो पहले से ही पता रहता है। इस संबंध में आईजी अनिल कुमार ने कहा मामले की विस्तृत जांच करा