लंदन ज्यादा मीठे पेय पदार्र्थो का सेवन करने से गठिया रोग होने का खतरा बढ़ जाता है। एक रिसर्च में यह तथ्य उजागर हुआ है। इसके अनुसार जो लोग रोजाना दो या उससे अधिक मीठे पेय पदार्थ पीते हैं उनमें गठिया की आशंका उन लोगों के मुकाबले 85 फीसदी तक अधिक होती है जो मीठे पेय पदार्थ से दूर रहते हैं। यह रिसर्च हार्वर्ड और कनाडा की वैंकूवर यूनिवर्सिटी ने मिलकर किया है।
अमेरिका में गठिया मामलों में दोगुना वृद्धि:
हाल के दशकों में अमेरिका में गठिया रोग के मामलों में दोगुना इजाफा हुआ है। रिसर्चरों का मानना है कि इसकी वजह शक्कर में पाया जाने वाला केमिकल तत्व फ्रुक्टोज है।
पीड़ितों को मीठे पेय से बचने की सलाह: ब्रिटिश रिसर्चर्स ने गठिया से पीड़ित लोगों को सलाह दी है कि वे अपने मीठे पेय पदार्र्थो में कटौती करें। ब्रिटेन में आबादी का 1.5 फीसदी हिस्सा इस बीमारी से जूझ रहा है और पिछले 30 वर्र्षो में इसमें भारी इजाफा हुआ है।
क्या हैं लक्षण:
शरीर के निचले हिस्सों में दर्द, जोड़ों में सूजन और दर्द इस बीमारी के लक्षण हैं। इसकी मुख्य वजह यूरिक एसिड के कणों का ब्लड से ेनिकलकर जोड़ों पर जमा हो जाना है। इससे पहले के रिसर्च भी यही बताते हैं कि फ्रुक्टोज या फल शक्कर ब्लड में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ाते हैं।
इस प्रकार हुआ रिसर्च:
इस पूरे रिसर्च के लिए एक टीम ने 12 वर्र्षो की स्टडी को आधार माना है, जिसमें 4600 आदमी शामिल किए गए। इन सभी की उम्र 40 साल थी और किसी को भी पहले से गठिया की बीमारी नहीं थी।
खान-पान के बारे में पूछे सवाल:
इन लोगों से नियमित खान-पान के बारे में सवाल पूछे गए। इस दौरान गठिया के 755 नए मामले सामने आए। बीमारी का खतरा हफ्ते 5 से 6 सॉफ्ट ड्रिंक पीने से काफी बढ़ जाता है।
ये भी हैं प्रमुख कारक :
इसके अलावा शरीर का भार, उम्र, बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर और शराब का सेवन भी गठिया के प्रमुख कारकों में शामिल हैं।