न्यूयॉर्क. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक धूम्रपान करने वाले दस फीसदी लोग भारत में रहते हैं। हालांकि चीन इस मामले में कहीं आगे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, धूम्रपान करने वाले 30 फीसदी लोग चीन में रहते हैं। कुल मिलाकर तंबाकू सेवन करने वाले दो-तिहाई लोग सिर्फ दस देशों में निवास करते हैं।
चौंकाने वाले तथ्य ये हैं कि हाल के दिनों में किशोरियों और युवतियों में धूम्रपान की लत तेजी से बढ़ी है। भारत में 13 से 16 साल की लड़कियों में लगभग दस फीसदी किसी-न-किसी रूप में तंबाकू का सेवन करती हैं, जबकि युवतियों में यह संख्या लगभग तीन फीसदी है।
32 फीसदी लेते हैं बीड़ी का कश :
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में पुरुषों में 57 फीसदी तंबाकू का सेवन कर रहे हैं जबकि 32 फीसदी बीड़ी का कश लेने में मजा ढूंढ रहे हैं। संगठन ने इस बात पर चिंता जताई है कि धूम्रपान को हतोत्साहित करने वाले गिने-चुने देशों में दुनिया की सिर्फ पांच फीसदी आबादी रहती है। रिपोर्ट के मुताबिक, विभिन्न देश तंबाकू विरोधी अभियानों में जितना खर्च करते हैं, उससे पांच सौ गुना ज्यादा वे तंबाकू पर लगाए जाने वाले टैक्सों से कमाते हैं।
50 लाख की मौत
तंबाकू सेवन से होने वाली बीमारियों के कारण सालाना लगभग 50 लाख लोग मौत के शिकार हो रहे हैं और यह संख्या वर्ष 2030 तक बढ़कर 80 लाख हो सकती है। अभी 74 देश ऐसे हैं जो स्वास्थ्य संस्थाओं में धूम्रपान करने की इजाजत देते हैं और इतने ही देशों के स्कूलों में धूम्रपान पर रोक नहीं है।