जयपुर. कुर्क की हुई फैक्ट्री का कब्जा बहाल करवाने के बदले में 10 हजार रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने रविवार को दी गंगानगर केन्द्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड गंगानगर के प्रबंध निदेशक को गिरफ्तार कर लिया। रिश्वत की राशि एमडी के कोट से बरामद की गई। उनके घर की तलाशी में 40 हजार रुपए नकद तथा एसबीआई बैंक के लॉकर की चाबी मिली है।
एसीबी के महानिदेशक केएस बैंस ने बताया कि बैंक एमडी नरेन्द्र कुमार बोहरा सी-स्कीम चौमूं हाउस स्थित डी-58 में रहते हैं। इस संबंध में हनुमानगढ़ निवासी दिनेश कुमार बेनीवाल ने गत दिनों ब्यूरो से शिकायत की थी कि उसकी गंगानगर घड़साना के पास स्थित रोजडी गांव में नवयुग कैटल एवं पोल्ट्री फीड के नाम से पशु आहार की फैक्ट्री है।
उसने वर्ष 2002 में गंगानगर स्थित दी गंगानगर केन्द्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड से नौ लाख 42 हजार रुपए का ऋण लिया था, जिसे वह नहीं चुका पाया। इस पर बैंक ने उसकी फैक्ट्री कुर्क कर दी। गत दिनों उसने बैंक की बकाया राशि चुका कर बैंक से एनओसी ले ली थी। इसके बाद बैंक से फैक्ट्री की चाबियां, बैंक खाते का रिकार्ड तथा कब्जा लेने के बदले एमडी नरेन्द्र कुमार ने उससे दस हजार रुपए मांगे थे।
इसकी शिकायत मिलने पर ब्यूरो ने जांच करवाई तो मामला सही निकला। रविवार को दिनेश कुमार एमडी के घर पर रिश्वत देने पहुंचा। इशारा मिलने पर एसीबी की टीम राशि बरामद कर ली। गिरफ्तार एमडी को सोमवार को एसीबी कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस संबंध में नरेन्द्र कुमार बोहरा की पत्नी विजय लक्ष्मी का कहना है कि दिनेश रविवार सुबह उनके घर पर आए थे तथा दस हजार रुपए गंगानगर में उनके परिचित का देने की बात कही थी। इस कारण ये रूपए ले लिए। उनको फंसाया गया है।