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भाजपा का बहिष्कार करेंगे गुर्जर

जयपुर. अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पीके अन्ना पाटिल ने कहा कि चुनावों में गुर्जर पूरे देश में भाजपा का बहिष्कार करेंगे। आरक्षण आंदोलन में गुर्जरों पर गोली चलाने वाली भाजपा सरकार से गुर्जरों में आक्रोश है। वे रविवार को गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय अधिवेशन में भाग लेने आए थे।

हरिश्चंद्र तोतूका भवन में संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि इंदौर में गुर्जर महासभा ने भाजपा के बहिष्कार का जो फैसला लिया था, महासभा उस पर कायम है। समाज के लोगों को इस बारे में समझाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के किसी गुर्जर मंत्री का बयान इस मामले में कोई मायने नहीं रखता है। आरक्षण का मुद्दा अब केवल राजस्थान का ही नहीं है। मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र में भी गुर्जरों को आरक्षण चाहिए।

जम्मू-कश्मीर में भी अभी आरक्षण अधूरा है। महासभा संवैधानिक तरीके से आरक्षण आंदोलन चलाएगी और गुर्जरों को एकजुट करेगी। अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के प्रदेशाध्यक्ष गोपीचंद गुर्जर ने कहा कि महापड़ावों में गुर्जरों से कहीं न कहीं भाजपा के तार जुड़े रहे इस कारण सफलता नहीं मिली। एकजुट होने के लिए भाजपा के तारों को काटना जरूरी हो गया है। इसके लिए 12 फरवरी को बैठक बुलाई गई है।

..और हंगामा खड़ा हो गया

जब बैसला बोलने लगे तो कुछ युवकों ने उनका विरोध किया। मंच संचालक ने उन्हें शांत किया। उसके बाद बैसला भाषण देकर जाने लगे तो दो जनों में किसी बात को लेकर बहस हो गई। इस पर सभी लोग खड़े हो गए और हंगामा खड़ा हो गया। स्थिति बिगड़ते देख मंच पर बैठे नेताओं ने नीचे आकर जैसे-तैसे गुर्जरों को शांत किया।

पढ़े-लिखे लोगों ने आंदोलन भटकाया : बैसला

गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला ने कहा कि गुर्जर नेताओं के कारण आरक्षण का खेल बिगड़ा है। वे रविवार को हरिश्चंद्र तोतूका भवन में अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के 99वें राष्ट्रीय अधिवेशन में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, जब तक मेरे साथ अनपढ़ गुर्जर थे आंदोलन ठीक चल रहा था। उनके भरोसे पर ही यह आंदोलन पाटोली तक पहुंचा।

जब से वकील, राजनेता और पढ़े-लिखे लोग जुड़े आंदोलन राह से भटक गया। अधिवेशन में गुर्जर नेताओं ने वनों से गुर्जरों को नहीं हटाने, नारी शिक्षा और गुर्जर रेजीमेंट की स्थापना जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की। अधिवेशन में संयुक्त गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक एवं विधायक प्रहलाद गुंजल, अतरसिंह भडाना और रामगोपाल गार्ड नहीं आए।

गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तुकाराम रामदास पाटिल, राष्ट्रीय महामंत्री यशवंत पटेल, श्रीनाथ गुर्जर, गुर्जर एकता समन्वय समिति के संयोजक देवकीनंदन काका, रामसिंह प्रभाकर, विधायक रामचंद सराधना, पूर्व मुख्य सचेतक हरिसिंह महुआ, डॉ. विक्रम सिंह, रामसिंह कसाना और डॉ. आरएन गुर्जर ने अपने विचार व्यक्त किए।





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