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Chandigarh Chandigarh मोहाली. पीसीए स्टेडियम में शनिवार को लगी आग अगर किसी इंटरनेशनल मैच के दौरान लगी होती तो क्षति का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। आग के बाद पीसीए प्रबंधक फॉयर अरेंजमेंट के कितने भी दावे करें लेकिन हकीकत है कि पीसीए ने फायर ब्रिगेड से एनओसी ही नहीं ली है। पीसीए के चेयरमैन सांसद तथा शिअद के सुप्रीमो सुखबीर सिंह बादल हैं और मैंबर कई ब्यूरोक्रेट्स हैं, ऐसे में एनओसी न लेने पर फायर ब्रिगेड या प्रशासन द्वारा नोटिस जारी करने की हिम्मत बारे नहीं सोचा जा सकता।
केवल आउटर जोन की एनओसी
कहने को पीसीए इंटरनेशनल लेवल का है, लेकिन यहां की पिच के सिवाए और कुछ भी इंटरनेशनल नहीं। पीसीए ने मोहाली फायर ब्रिगेड से पिछले साल अगस्त महीने में केवल आउटर एरिया में लगे फायर हाईड्रैंट्स की एनओसी ली थी। अब जब डीसी मोहाली ने अग्निकांड की जांच के आदेश दिए हैं तो अधिकारी भी मानते हैं कि पीसीए के पास एनओसी नहीं है। फायर ब्रिगेड के अस्सिटेंट डिवीजनल फायर ऑफिसर लखविंद्र सिंह ने बताया कि केवल आउटर एरिया में लगे फायर हाईड्रैंट्स की एनओसी दी गई है।
क्या सुरक्षा कर्मी ट्रेंड थे? अगर मौके पर सबसे पहले पहुंचे फायर कर्मचारियों की मानी जाए तो वहां पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों को किसी तरह की कोई ट्रेनिंग नहीं थी। दरअसल यही कारण फायर सिस्टम के फेल होने का भी माना जा रहा है।
कतराते रहे पीसीए प्रबंधक
इस बारे में पीसीए के प्रबंधक मीडिया से भागते दिखाई दिए। पीसीए के ट्रेजर जी.एस.वालिया ने कहा कि वह मुम्बई में हैं और किसी में मामले में बात पीसीए के जनरल सेकेट्ररी एम.पी. पांडव से करें। जब एम.पी.पांडव से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि वे बीमार हैं और दवाई लेकर आराम कर रहे हैं। उन्होंने किसी भी मामले पर बात करने के लिए पीसीए के सीईओ ब्रिगेडियर (रिटा.) जी.एस.संधू से बात करने को कहा। ब्रिगेडियर संधू से बार-बार कोशिश की गई लेकिन उन्होंने मोबाइल नहीं उठाया।