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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़. पीजीआई का विजिलेंस विभाग आजकल खुद बीमार नजर आता है, अप्र्याप्त स्टाफ के बावजूद अधिकारियों को अन्य विभागों का चार्ज भी सौंप दिया गया है। गौर हो हाल ही में चीफ विजिलेंस ऑफिसर ने अपना पद यह कहकर छोड़ दिया था कि विजिलेंस के काम होने के कारण उनकी क्लीनिकल प्रैक्टिस पर असर पड़ रहा है। नए बने सीवीओ प्रो. अमोद गुप्ता पीजीआई के ऑप्थमोलॉजी विभाग के हेड हैं और पीजीआई कमेटी के चेयरमैन भी।
दो अफसर बाकी स्टाफ
पीजीआई के विजिलेंस विभाग में इस समय एक सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर, एक असिस्टेंट एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर, एक प्राइवेट सेक्रेट्री, एक पीए, दो पीयुन और दो क्लर्क हैं। सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर के पास विजिलेंस के अलावा सीपीआईओ विभाग, सिक्योरिटी विंग, कम्युनिटी ब्रांच, पीजीआई की पार्किग का जिम्मा भी है। वहीं असिस्टेंट एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर के पास र्न्िसग इंस्टीट्यूट ऑफ एजूकेशन का जिम्मा है, जबकि जांच के लिए 14 से ज्यादा शिकायतें पेंडिंग हैं।
14 इंक्वायरीज अंडर इंवेस्टिगेशन
पीजीआई में पिछले डेढ़ साल में 22 विजिलेंस इंक्वायरीज की र्गई। इनमें से 14 अंडर इंवेस्टिगेशन हैं। आठ की रिपोर्ट दी गई है। इनमें से कुछ में एक्शन के लिए कहा गया है बाकी में क्लीन चिट दे दी गई है।
जो शिकायतें सामने आईं
1. पीजीआई अधिकारियों के खिलाफ शिकायत है कि उन्होंने मकानों के किराये की वसूली समय पर नहीं की, जिससे पीजीआई को नुकसान पहुंचा।
2. एडवांस कार्डियक सेंटर के काम को लेकर एक ठेकेदार को 30 लाख का फायदा पहुंचाया गया।
3. एनुअल ऑडिट रिपोर्ट गर्व्िनग बॉडी बैठकों में नहीं रखी जाती।
4. डेढ़ करोड़ के कार्य के टेंडर की टर्म-कंडीशन में छेड़खानी कर ठेकेदार को फायदा पह्रुंचाया गया।
5. न्यू नर्सरी से स्वीमिंग पूल की दीवार बनते ही गिर गई। उसे फिर बनाया गया पर मामले की जांच नहीं की गई।
6. नेहरू ब्लॉक के ऑपरेशन थियेटर और सर्विस ब्लॉक की वाटर प्रूफिंग को लेकर किए गए खर्च से पीजीआई को कोई फायदा नहीं हुआ और बाद में इस पर और पैसे खर्च हुए।
7. एसएससी मेंबर्स को लेकर शिकायत कि बाहर से इन्वायटी गेस्ट ज्यादा मंगवाए जाते हैं।
8. एपीसी के ऑक्सीजन टैंक की रिपेयर के ठेके में गड़बड़ियां।
9. असिस्टेंट एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर की सिलेक्शन को लेकर गड़बड़ियां।
10. डेपूटेशन पर आए अधिकारियों द्वारा किए गए कार्यो को लेकर पीजीआई को अधिक पैसे खर्च करने पड़े।
11. एडवांस कार्डियक सेंटर की बाउंड्री वॉल में घटिया ईंटें।
12. अधिकारियों द्वारा सरकारी गाड़ियों का मिस्यूज।
13. पीजीआई के मामले सीवीओ को न देकर हेल्थ मिनिस्टरी द्वारा जांच करवाए जाएं।
14. चीफ र्न्िसग ऑफिसर के खिलाफ एमएस द्वारा भर्तियों को लेकर की गई शिकायत।