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Chandigarh Chandigarh डेराबस्सीसमय: दोपहर 1:३0 बजे
स्थान: टेलिफोन एक्सचेंज का टावर
अचानक एक युवक हाथ में तिरंगा लेकर 210२१क् फीट ऊंचे टावर पर जा चढ़ा। मोबाइल फोन पर उसे काफी समय तक बतियाते देखा गया। यह नजारा देखने नीचे लोगों की भीड़ जमा हो गई। उसकी पहचान 22 वर्षीय राधेश्याम के तौर पर की गई।
तहसीलदार गुरमंदर सिंह, लालडू थाना प्रभारी सुखजिंदर सिंह, सिविल अस्पताल के डॉक्टर्स, बीएसएनएल स्टाफ, पुलिस व फायर ब्रिगेड भी मौके पर पहुंचे। इसके चलते तहसील रोड पर यातायात जाम हो गया। उसे नीचे उतरने के लिए मनाने के लिए मोबाइल पर उसके दोस्तों, रिश्तेदारों ने लंबी बात की। मामला एक लड़की से अफेयर का निकला जिसे वेलेंटाइन-डे के बुखार में उसने भुनाने की कोशिश की। उससे बात करने वालों में लड़की पक्ष के लोग भी थे।
दो घंटे बाद नीचे उतरा तो पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए उसने कहा कि वह तो टावर पर तिरंगा फहराने चढ़ा था। हालांकि उसका बयान किसी भी नजरिए से सही नहीं बैठता। दरअसल उसे यह भी नहीं मालूम था कि झंडा सीधा और उल्टा कैसे माना जाता है। वह टावर पर झंडा उल्टा बांध कर करीब दो घंटे बाद उतरा। इस बीच युवक से ऐसा ट्रीट किया गया कि जैसे वह कोई महान कार्य करके लौटा हो। तिरंगा तीन घंटे उल्टा लहराता रहा। आखिरकार सीआईडी कांस्टेबल जोगिंदर कुमार ने शाम साढ़े पांच बजे हिम्मत कर तिरंगा ससम्मान नीचे उतारा।
यह मामला आरोपी युवक को नसीहत देने की बजाय अन्य युवकों को प्रचारित व ड्रामा करने का नया नुस्खा दे गया है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि दोषी युवक को सबक नहीं दिया गया तो ऐसा हथकंडा अन्य युवक भी भविष्य में अपना सकते हैं।
इस बीच मोहाली के एसएसपी रणबीर सिंह खटड़ा ने कहा कि यह मामला उनके नोटिस में लाया गया है। तिरंगे के अपमान वाले प्रकरण को वे गंभीरता से लेंगे। मामले की रिपोर्ट तलब करेंगे।
वहीं प्राप्त जानकारी के अनुसार युवक के खिलाफ देर रात 309 और इंडियन नेशनल हॉनर इंसल्ट एक्ट 1971 की सेंक्शन 2 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया।