अकोला. एक 18 वर्षीय युवती ने पहले एक पुलिस अधिकारी पर यौन शोषण का आरोप लगाया और एक दिन बाद यह युवती अपने बयान से पलट गई।
इस युवती ने कहा कि उसने पुलिस अधीक्षक (एसपी) दीपक पांडे पर उसने आरोप कुछ पुलिस वालों के दबाव के कारण लगाया था। हालांकि इस टीनेजर ने बाकी पुलिस वालों और सरकारी अधिकारियों पर लगाए यौन शोषण के आरोप को बरकरार रखा है।
इस युवती ने रविवार शाम पांडे की मौजूदगी में उनके ही चेंबर में मीडिया के सामने यह बयान दिया। रविवार को एक मराठी अखबार में छपे एक पत्र में इस युवती ने पांडे, नगरपालिका के एक डिप्टी कमिश्नर, एक विशेष सरकारी वकील और एक पुलिस इंस्पेक्टर पर लगातार छह महीनों से उसके यौन शोषण का आरोप लगाया था।
तुरंत जाहिर हुई प्रतिक्रिया में एसपी पांडे ने अपने खिलाफ लगाए आरोपों को निराधार और बकवास बताते हुए खारिज किया और प्रेस कॉंफ्रेंस बुलाई। गौरतलब है कि इससे पहले पांडे 2004 में सुर्खियों में आए थे जब उन पर अपनी आईएएस पत्नी को प्रताड़ित करने का आरोप लगा था। आईपीएस अफसर पांडे पर मुंबई में एक महिला कॉंस्टेबल के साथ अभद्र व्यवहार का आरोप भी लग चुका है।