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क्रिकेट इंडिया का लहराएगा विश्व में परचम

मुंबई. ‘अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यह भारी उलटफेर का दौर है और लंबे अरसे से क्रिकेट विश्व में शीर्ष पर काबिज ऑस्ट्रेलिया को पीछे कर भारत पहले नंबर पर आ सकता है।’ यह कहना है टेस्ट टीम के कप्तान अनिल कुंबले का। उन्होंने यह बात रविवार को मेलबोर्न क्रिकेट ग्राउंड में वनडे में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध मिली जीत के बाद नहीं कही है, बल्कि यह बात उन्होंने पिछले माह के अंत में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध टेस्ट क्रिकेट सीरीज समाप्त होने के बाद दौरे से स्वदेश वापस आने पर कही थी।

ऑस्ट्रेलिया दौरे से वापस आने के बाद डीएनए/भास्कर को दिए अपने पहले साक्षात्कार में कुंबले ने कहा था कि भारतीय क्रिकेट की सोच बदल रही है और यदि टीम वर्तमान जोश और उत्साह बनाए रख सकी तो वह दिन दूर नहीं जब ऑस्ट्रेलिया को दूसरे स्थान पर रहने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

बदलेगा परिवेश : कुंबले अपने इस विचार पर अब भी कायम हैं। उन्होंने कहा, ‘टेस्ट में हम करीबी अंतर से हारे, लेकिन आत्मविश्वास और टीम के रवैये में सकारात्मक बदलाव आया है। हम आईसीसी रैंकिंग में दूसरे नंबर पर हैं और अच्छी बढ़त के साथ ऑस्ट्रेलिया टॉप पर है। लेकिन इस वर्ष हमें कई मैच खेलने हैं और ऑस्ट्रेलिया को भी। आगामी मुकाबले दुनिया की क्रिकेट टीमों का स्थान नए सिरे से तय करेंगे।’

फिटनेस पर ध्यान : कुंबले का ध्यान फिटनेस पर भी है और उन्हें जब भी महसूस होगा, वे टीम के साथ ही कप्तानी छोड़ने में देर नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, ‘मैं अपने शरीर पर भी ध्यान देता हूं। प्रत्येक सीरीज में इसका आंकलन भी करता रहता हूं। लेकिन भारत को टॉप पर देखना मेरी महत्वाकांक्षा है।’

अनूठी खेल भावना : कुंबले ने हर मौके पर खेल की नैतिकता और भावना को नई ऊंचाई दी है। उन्होंने टीम इंडिया को इस बारे में जरूरी सलाह भी दी है। उन्होंने इसमें खिलाड़ियों की टीम में अहमियत, उनके कौशल और क्षमता का आदर, फिटनेस, नियमित अभ्यास आदि पर कहा है, ‘ये भी महत्वपूर्ण पक्ष हैं। हमें इसे भी प्राथमिकता देनी होगी।’ इन पहलुओं पर कुंबले ने टीम के साथ ही बोर्ड अध्यक्ष शरद पवार से भी विमर्श किया।

भविष्य की तैयारी : कुंबले ने भविष्य की बेहतर टीम के लिए इन पर ध्यान दिए जाना जरूरी बताया। उन्होंने कहा, ‘युवा पीढ़ी हमें आदर्श माने और तेजी से वह मुख्य धारा में आकर सर्वोत्तम प्रदर्शन करे, इसके लिए हमें उक्त नियमों पर चलना होगा।’

पोंटिंग से क्षमा नहीं मांगी : सिडनी टेस्ट के दौरान हरभजन सिंह मामले को निपटाने के लिए कुंबले ने ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग से आग्रह किया था, लेकिन मामला आईसीसी की सुनवाई आयोग में ही निपटा। इस पर कुंबले ने कहा, ‘मैंने विवाद को सुलझाने के लिए अपनी पूरी कोशिश की थी। मैं सीरीज में बाधा नहीं पड़ने देना चाहता था, लेकिन पोंटिंग से माफी मांगने जैसी कोई बात थी ही नहीं, तो मैं ऐसा क्यों करता। यदि मैं माफी मांगता तो यह चस्पा हो जाता कि हमने गलती की थी, जबकि हम गलत नहीं थे। हमने भारतीय तरीके से मामले को निपटाने की कोशिश की।’





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