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देखते-देखते लव हो जाए

प्यार का बॉक्स आफिसफिल्म इंडस्ट्री में अलग-अलग क़िस्म की फिल्में है जिन में लव स्टोरी बनती भी सबसे Êयादा हैं और चलती भी। प्यार एक ऐसा अहसास है जो हर इंसान महसूस करता है, कुछ शादी से पहले तो कुछ शादी के बाद। शायद यही कारण है कि बॉलीवुड में इतनी सारी प्रेम कहानियां बनती हैं।

एक लव स्टोरी के हिट होने के लिए यह Êारूरी है कि उस फिल्म की कहानी, देखने वालों के दिलों को छू लें। जब तक दर्शक को फिल्म के क़िरदारों की मोहब्बत का अहसास नहीं होगा तक तक कोई भी प्रेम कहानी हिट नहीं हो सकती है। एक्शन या फैमिली ड्रामा में यह बात नहीं है।

हर लव स्टोरी जो बड़ी हिट हुई है उस में कुछ नई बात Êारूर होती है। जैसे कि आदित्य चोपड़ा की ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’। उस प्रेम कहानी में दर्शक ने पहली बार देखा कि लड़का (शाहरुख़ ख़ान) लड़की (काजोल) से प्यार करता है लेकिन उससे भागा कर शादी करना उचित नहीं समझता है। उस कहानी के राज को चाहिए कि सिमरन का हाथ उसके पिताजी उसके हाथ में दें। वैसे ही, सूरज बरजत्या की ‘हम आपके हैं कौन..!’ में निशा (माधुरी दीक्षित), प्रेम (सलमान ख़ान) से इतना प्यार करती है कि उस प्यार में बलिदान के नाम प्रेम के बड़े भईया (मनीष बहल) से शादी करने के लिए तैयार हो जाती है।

आमिर ख़ान की पहली फिल्म, ‘क़यामत से क़यामत तक’ में दो प्रेमी जब नहीं मिल पाते हैं तो दोनों मर कर मौत में एक हो जाते हैं। यश चोपड़ा कि ‘चांदनी’ में नई बात यह है कि जब श्रीदेवी काफ़ी समय तक ऋषि कपूर के लिए रुकने के बाद, विनोद खन्ना से शादी करने के लिए राज़ी हो जाती है, तो ऋषि कपूर (जो एक्सीडैंट के बाद ठीक होकर लौट आते हैं) उनसे पूछते हैं कि उन्होंने (श्रीदेवी ने) उनका (ऋषि कपूर का) इंतज़ार क्यों नहीं किया और श्रीदेवी का ऋषि को जवाब होता है कि, ‘अगर तुम मेरी जगह होते तो क्या करते?’ उनका कहने का मतलब था कि इस देश की सभ्यता के अनुसार, लड़की और लड़के को एक ही तराज़ू में नहीं तौला जाता। इसलिए, एक लड़की के लिए, उसके मंगेतर का इंतज़ार करना आसान नहीं है, ख़ासकर अगर उस मंगेतर की महीनों तक कोई ख़बर नहीं आती है तो।

‘एक दूजे के लिए’ एक और लव स्टोरी थी जिसने बॉक्स ऑफिस पर नए रिकॉर्ड कायम किए। उस प्रेम कहानी में दो अलग मÊाहब के लोग एक-दूसरे के प्यार में पड़ते हैं। शायद आज के ज़माने में यह बड़ी बात नहीं है। मगर उस दौर के लोगों के लिए यह बात एकदम निराली थी, ख़ासकर इसलिए भी क्योंकि उस फिल्म में कमल हसन और रत्ती अग्निहोत्री को एक-दूसरे की भाषा भी समझ नहीं आती थी। नई बात तो यश चोपड़ा की लम्हें में भी बताई गई थी, लेकिन वो बात दर्शकों के गले नहीं उतरी। लोगों को श्रीदेवी की, अपनी मां (दूसरी श्रीदेवी) के प्रेमी (अनिल कपूर) से शादी करने की बात और उस प्रेमी की हामी बिल्कुल सही नहीं लगी, इसलिए वो फिल्म एकदम फ्लॉप हो गई। जिन लव स्टोरीज़ में नया हीरो और नई हीरोईन होते हैं उसमें बात जल्दी बन जाती है।

जैसे कि ‘बॉबी’, ‘बेताब’, ‘लव स्टोरी’ और ‘कहो न प्यार है’, लव स्टोरी के चलने में संगीत का भी बड़ा हाथ होता है। हिट म्यूज़िक के कारण नए नायक और नई नायिका बिना भी लव स्टोरी में चार चांद लग जाते हैं, जैसे कि ‘वीर ज़ारा’, ‘हम तुम’, ‘मैंने प्यार किया’, ‘दिल तो पागल है’ और ‘फ़ना’ में। लीज़ैंडरी लव स्टोरीज़ भी बहुत बनी हैं जिन में कुछ बड़ी हिट हुई हैं जैसे ‘लैला मजनू’।

तो क्या लव स्टोरी को हिट करने के लिए कोई फामरूला है? जवाब है नहीं। किसी भी क़िस्म की फिल्म बनाने के लिए कोई भी फामरूला काम नहीं आता है। जैसे लव स्टोरी के निर्देशकों में महागुरु यश चोपड़ा कहते हैं, ‘कोई भी लव स्टोरी चल सकती है अगर बनाने वाला उस कहानी को कन्विक्शन के साथ बनाए तो। एक निर्देशक के लिए यह ज़रूरी है कि वो जो कहानी कहना चाहता है, उसमें वो ख़ुद विश्वास करता हो।’

ये ईलू-ईलू क्या है.. प्यार का मतलब होता है, पूरी तरह स्वीकार करना। जो भी आपके जीवन में आया है, उसे बहिं फैलाकार स्वीकार करना। उससे कोई मांग न रखना। सिर्फ़ देना ही प्यार है। उसके बदले कुछ पाने की तमन्ना सौदा है। प्यार के बदले प्यार मांगना भी ग़लत है। अगर आपके प्यार में दम है, तो बिना मांगे ही आपको प्यार के बदले प्यार मिल जाएगा।

-कैटरीना कैफ़

‘प्यार कभी न खुलने वाले रहस्य की तरह है। इसे कभी शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता, सिर्फ़ महसूस किया जा सकता है।’

-रानी मुखर्जी

प्यार को नि:स्वार्थ माना जाता है, मगर मैं ऐसा नहीं मानती। आपको प्यार के बदले में अगर प्यार नहीं मिलता, तो आपका प्यार Êिांदा नहीं रह सकता। आप पूरी उम्र किसी को एकतरफ़ा प्यार नहीं कर सकते। इसमें दो लोग अपनी ख़ुशी के लिए एक-दूसरे को ख़ुशी देते हैं।

-आयशा टकिया

प्यार का मतलब है, अपने साथी को तलाशना। यह सिर्फ़ किसी के साथ डेटिंग करना नहीं, बल्कि किसी के साथ गहराई तक जुड़ना है। किसी को अपनी ज़िंदगी का और ख़ुद को किसी दूसरे की ज़िंदगी का हिस्सा बनाना है।

-शाहरुख़ ख़ान प्यार अंधा नहीं होता क्योंकि यह देख-परख कर ही किया जाता है, पर हां, यह बात Êारूर है कि हम अपने प्यार की कमियों को देखकर भी अनदेखा कर देते हैं..

-प्रियंका चोपड़ा





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