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Valentines Day Valentines Day वैलेंटाइन डे.
जाने-माने फिल्म राइटर-डायरैक्टर अनीस बÊमी, जिन्होंने ‘वैलकम’ जैसी सुपरहिट कॉमेडी बनाई है, बता रहे हैं, अपनी पसंद के दस रोमांटिक सीन्स-
मुग़ल-ए-आज़म
का वह सीन, जिसमें बैकग्राउंड में बड़े ग़ुलाम अली ख़ां साहब गा रहे हैं, ‘प्रेम जोगन बनके..’ और लेटी हुई मधुबाला के चेहरे पर दिलीप साहब पंख फिराते हैं।
पाकीज़ा
का वह सीन, जिसमें ट्रेन के अंदर राजकुमार और मीना कुमारी की मुलाक़ात होती है। राज साहब की नजर उनके पैरों पर पड़ती है, तो वह उसी के पास एक ख़त रखकर गुपचुप चले जाते हैं। इसमें उन्होंने मीना कुमारी के पैरों की ख़ूबसूरती का बखान करते हुए लिखा होता है कि ‘इन्हें जमीन पर मत रखिएगा, मैले हो जाएंगे!’
प्यार तो होना ही था
का एक सीन, जो मेरी ही फिल्म थी। काजोल जब अपने प्यार से हार जाती हैं, तब अजय उनसे कहते हैं कि वह अपनी आंखें बंद कर देखें, तो उन्हें अपने सामने उनका प्यार नÊार आएगा। काजोल ऐसा करती हैं, तो उन्हें वाक़ई लगता है कि उनका प्यार सामने खड़ा उन्हें बुला रहा है। काजोल सोचती हैं कि ऐसा कैसे हुआ..? फिर गाना शुरू होता है- ‘अजनबी मुझको..’। बाद में कई फिल्मों में यह सीन दोहराया गया।
कभी कभी
का वह सीन, जब शशि कपूर सुहागरात में राखी की आंखों की तारीफ़ करते हुए कहते हैं कि ‘ऐसी आंखें हैं, जैसे किसी ग़रीब के झोपड़े में जलती हुई लालटेन!’ हालांकि राखी उस समय हनीमून अपने पति के साथ मना रही होती हैं, मगर वह खोई अपने पूर्व प्रेमी अमिताभ बच्चन के ख्यालों में हैं। दरअसल, इसका कारण यह होता है कि अमित जी पहले ही उनकी आंखों की तारीफ़ कर चुके होते हैं- ‘ये आंखें जिसे भी देख लें, उसके साथ एक रिश्ता क़ायम कर लेती हैं!’
बॉबी
का वह सीन, जब ऋषि कपूर की नजर बैडमिंटन खेल रहीं डिंपल कापड़िया पर पड़ती है। चिंटू को देखकर वह भाग जाती हैं। इसके बाद जब दोनों की मुलाक़ात स्विमिंग पूल के पास होती है और चिंटू भाग जाने की वजह पूछते हैं, तब वह कहती हैं- ‘दिल सीने में होता है न। लेकिन आपको देखकर वह गले में आ जाता है!’
देवदास
का वह सीन, जब शाहरुख़ बड़े जज्बाती होकर कहते हैं- ‘इतने साल.. इतने महीने.. इतने दिन..!’
मैंने प्यार किया
का वह सीन, जिसमें भाग्यश्री कहती हैं- ‘आय..!’ और सलमान पूछते हैं- ‘आय क्या?’ फिर भाग्यश्री भागती हैं.. सलमान उनके पीछे-पीछे भागते हैं और उन्हें भाग्यश्री के मुंह से ‘लव यू’ कहलवाने में दस मिनट निकल जाते हैं।
कहो ना.. प्यार है
का वह सीन, जिसमें पता चलता है कि लड़के को तैरना नहीं आता। आख़िर जब लड़की डूबने लगती है, तो उसे बचाने के लिए वह पानी में कूद जाता है।
सागर
का वह सीन, जिसमें चिंटू और डिंपल रेत पर लेटे हुए होते हैं। रेत पर वह सपना का नाम लिखते हैं और बैकग्राउंड में सनराइज़ या सनसेट हो रहा होता है।
एक दूजे के लिए
का वह सीन, जब नाराज़ लड़की बिस्तर पर लेटी है और इलैक्ट्रिक स्विच को बार-बार ऑन-ऑफ कर रही होती है।
-प्रस्तुति: धर्मेन्द्र प्रताप सिंह
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