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इंजीनियरिंग छात्रों पर नई मुसीबत

रायपुर.h बीएड की तरह इंजीनियरिंग कालेजों में भी बिना काउंसिलिंग के एडमिशन हो जाने का मामला सामने आया है। दो नए कालेजों ने तकनीकी शिक्षा संचालनालय से अनुमति लिए बिना ही सीटें भर लीं। इसमें से एक निजी विश्वविद्यालय है, इसलिए अनुमति मिल गई। दुर्ग के कालेज का मामला अटक गया है। इस दाखिले को स्वामी विवेकानंद टेक्निकल यूनिवर्सिटी ने मान्यता देने से मना कर दिया है।

राज्य में चार कालेजों ने मान्यता के लिए एआईसीटीई (आल इंडिया काउंसिल फार टेक्निकल एजुकेशन) की शर्ते पूरी की। इनमें से दो कालेजों को सितंबर 2007 में मान्यता मिली। तब इंजीनियरिंग में प्रवेश की दूसरे चरण की काउंसिलिंग चल रही थी, इसलिए वहां दाखिला दे दिया गया। काउंसिलिंग समाप्त होने के बाद 5 अक्टूबर को दो कालेजों को मान्यता मिली। इनमें आरएसआर रूंगटा कालेज आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नालाजी दुर्ग और सीवी रमन बिलासपुर शामिल हैं।

तकनीकी शिक्षा संचालनालय ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 30 सितंबर को काउंसिलिंग बंद कर दी। इसके बाद जिन दो कालेजों को मान्यता मिली, उनका मामला अटक गया। इन कालेजों ने अपने स्तर पर काउंसिलिंग कर 240-240 छात्रों को प्रवेश दे दिया। जब इसकी जानकारी तकनीकी शिक्षा संचालनालय को हुई तो दोनों कालेजों को कारण बताओ नोटिस जारी किया। संचालनालय ने इन छात्रों के प्रवेश को अवैध घोषित कर दिया। सीवी रमन विवि ने इसके जवाब में यह तर्क दिया कि निजी विवि होने की वजह से उन्हें प्रवेश की अंतिम तिथि तय करने की छूट है। वे टेक्निकल यूनिवर्सिटी के अधीन नहीं हैं। संचालनालय ने इस तर्क को मान लिया। वहां निजी विवि की मान्यता पर पहले सेमेस्टर की पढ़ाई हो रही है।

पहला सेमेस्टर छूटा

दुर्ग के कालेज का मामला पचड़े में पड़ा हुआ है। टेक्निकल यूनिवर्सिटी ने आरएसआर रुंगटा कालेज को संबद्धता देने से इनकार कर दिया। पहले हाल ही में हुई पहले सेमेस्टर की परीक्षा से 240 छात्र वंचित रह गए। इससे छात्र असमंजस में हैं। कालेज प्रबंधन ने फरवरी को पहला सेमेस्टर मानते हुए प्रवेश मान्य करने की मांग की है। उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की है। संचालनालय के अधिकारियों का कहना है कि सेंट्रल काउंसिलिंग में शामिल नहीं होने की वजह से छात्रों को मान्यता देना संभव नहीं है।

बीएड के छात्र भी अधर में

2006 में कुछ बीएड कालेजों ने 260 छात्रों को सीधे प्रवेश दिया था। रविवि ने इसे फर्जी करार दिया। उन्हें परीक्षा से वंचित कर दिया गया। जिसका मामला अभी तक कोर्ट में लंबित है।

156 छात्रों की पात्रता रद्द

नगर संवाददाता. रायपुर. पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय ने 45 बीएड कालेजों के 156 छात्र-छात्राओं को पात्रता देने से इनकार कर दिया है। विवि द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट के बाद इसका फैसला लिया गया। ये छात्र दूसरे राज्यों के हैं। विवि ने बीएड के लिए स्नातक या स्नातकोत्तर कक्षा में 50 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य की थी।

लेकिन बाहरी राज्यों के आनर्स कोर्स वाले छात्रों ने प्रशासन को अंधेरे में रखकर प्रवेश ले लिया। शिकायत मिलने के बाद कार्यपरिषद ने जांच समिति बनाई थी। जिसमें जेएल भारद्वाज, आरपी दास, केएल तिवारी, एमएस नत्थानी और आरके प्रधान को सदस्य नियुक्त किया गया। उन्होंने जांच के बाद 156 छात्रों के प्राप्तांक निर्धारित से कम पाए।





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