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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. एनटीपीसी, सीपत के विस्थापितों की नौकरी की मांग पर गुरुवार को राजधानी रायपुर में एनटीपीसी सीपत के सीएमडी टी शंकरलिंगम तथा राज्य शासन के अधिकारियों के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी। पिछले महीने राजधानी में हुई वार्ता में शासन के अधिकारियों ने एनटीपीसी प्रबंधन से सीधे पूछा था कि विस्थापितों को नौैकरी देने के विषय में उनकी क्या तैयारी है? अधिकारी इसका जवाब देने में सक्षम नहीं थे, इसलिए बातचीत टाल दी गई। एनटीपीसी, सीपत के मटेरियल गेट के समक्ष विस्थापितों द्वारा अपनी मांग के समर्थन में बुधवार को 24 वें दिन धरना जारी रहा।
इधर आंदोलनकारियों के एक प्रतिनिंिधमंडल ने बुधवार को राजधानी पहुंचकर मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह, प्रमुख सचिव शिवराज सिंह, ऊर्जा सचिव विवेक ढांढ से अपनी मांग के विषय में चर्चा की। अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि उनकी मांग पर गंभीरता से पहल होगी। यह बात अलग है कि एनटीपीसी कुल 3105 विस्थापितों में से कितने लोगों को नौकरी देता है? यह बातचीत के बाद स्पष्ट होगा।
आंदोलनकारियों का नेतृत्व कर रहे दिलेंद्र कौशिल ने बताया कि उनका प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को फिर रायपुर जाएगा, ताकि द्विपक्षीय वार्ता के दौरान उनका पक्ष दमदारी के साथ रखा जा सके। आज की वार्ता में दिलेंद्र कौशिल, द्वारिकेश पांडे, पुरूषोत्तम सिंह, रामकिशोर कौशिक, अमित राठौर, तामेश्वर कौशिक, अशोक सिंह शामिल थे। श्री कौशिल ने बताया कि वार्ता के दौरान सीपत एवं जांजी गांव के व्यापारियों ने विस्थापितों के समर्थन में गुरुवार को बंद का आह्वान किया है। व्यापारी अपनी दुकानें बंद कर मटेरियल गेट के धरना पंडाल पर जुटेंगे।
गौरतलब है कि विस्थापितों की मांग के परिप्रेक्ष्य में सीपत एवं जांजी में एक हफ्ते में यह दूसरा बंद है। इससे पहले 5 फरवरी को सीपत तथा 6 फरवरी को जांजी में बंद रखा गया था।
भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी की जिला परिषद के सचिव पवन कुमार शर्मा ने बताया कि विस्थापितों के समर्थन में छत्तीसगढ़ किसान सभा, महिला सभा, खेत मजदूर यूनियन(एटक) के सैकड़ों कार्यकर्ता 15 फरवरी को दिन में 11 बजे नवाडीह चौक से रैली निकालकर मटेरियल गेट सीपत में धरना देंगे।