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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. अपने वेतनमान से संबंधित दो सूत्रीय को लेकर प्रदेश के डिप्लोमा इंजीनियर अनिश्चतकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। उनके आंदोलन से जलकर वसूली, सड़क निर्माण सहित रोजगार गारंटी योजना के कार्य प्रभावित होने की बात कही जा रही है। हड़ताल के लंबे खींचने से शासन के करोड़ों रुपए लेप्स हो जाने की संभावना जताई जा रही है।
छत्तीसगढ़ डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन के बैनर तले डिप्लोमा इंजीनियर्स अपनी दो सूत्रीय मांग प्रारंभिक वेतनमान 5500 रुपए से 9000 रुपए व 24 वर्ष की सेवा के बाद 10,000 रुपए से 15,200 रुपए को लेकर चरणबद्ध आंदोलन कर रहे हैं।
तहसील, जिला मुख्यालों व राजधानी में धरना-प्रदर्शन के बाद वे 11 फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। शासन के विभिन्न विभागों में कार्यरत डिप्लोमा इंजीनियर कार्य में उपस्थित न होकर जरहाभाठा स्थित अभियंता भवन में एकत्र हो रहे हैं। इस दौरान संघ की निगरानी समिति के सदस्यों द्वारा शासकीय कार्यालयों में जाकर डिप्लोमा इंजीनियरों के संबंध में जानकारी ली जा रही है कि कोई कार्य में उपस्थित तो नहीं हो रहा है। संघ के जिलाध्यक्ष एलके गहवई ने बताया कि संघ द्वारा गोपनीय समिति भी बनाई गई है, जो विभिन्न कार्यो का निरीक्षण कर रही है।
इस दौरान यह देखा जा रहा है कि कहीं कार्य तो चालू नहीं है। यदि कहीं कार्य चालू पाया गया, तो उसका विरोध किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों द्वारा कार्य के लिए दबाव डालने पर संघ को इसकी जानकारी देने के लिए डिप्लोमा इंजीनियरों से कहा है। आंदोलन को सफल बनाने के लिए संघ के वरिष्ठ उप प्रांताध्यक्ष सुरेंद्र टुटेजा सहित राजीवनयन शर्मा, राजू वैद्य, एस. भामरी, एस. रहमान, वीके ठाकरे, एके राय, आरके मोदी, एसएन बघेल आदि जुटे हैं।