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Valentines Day Valentines Day वैलेंटाइन डे स्पेशल.
वैलेंटाइन डे का क्रेज आज के नवयुवक और युवतियों में दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है।संसार का प्रत्येक व्यक्ति प्रेम रुपी बंधन में किसी न किसी रुप में बंधा हुआ है, चाहे वह कोई छोटा बालक हो या ढलती आयु का प्रौढ़ व्यक्ति।
संसार का प्रत्येक व्यक्ति प्रेम रुपी बारिस में किसी न किसी रुप में भीग रहा है। लेकिन वैलेंटाइन डे े प्रेम रुपी ऐसी बारिस है जो अपने प्यार की फुहारों के माध्यम से कुछ अलग ही प्रेम की अनुभूति कराती है।
वैलेंटाइन डे सिर्फ प्यार का ही संबंध नही हैं, कि हम एक दूसरे से मिले, एक दूसरे को उपहार दे ये प्यार नही यह तो एक मात्र दिखावा है और कुछ नही। सच्च प्रेम तो जन्म जन्मों का अटूट रिश्ता है।
प्यार के संबंध में तीन स्तर होते हैं। पहला कि सामने वाले व्यक्ति का आकर्षण। दूसरा , सामने वाले व्यक्ति के अन्दर मिलने की इच्छा, कामना या अभिलाषा हो और तीसरा स्तर यह है कि दोनों के प्रेम में समर्पण होना चाहिए।
इसका अर्थ यह है कि प्रेम करने वाले प्रेमी एक दूसरे के प्रति आकर्षित होते हैं और जब आकर्षित होते हैं तो उनमें मिलने की इच्छा, कामना और अभिलाषा होती है और इसके बाद दोनों प्रेम रुपी बंधन में बंध जाते हैं और फिर दोनो प्रेमी हमेशा के लिए एक दूसरे के प्रति समर्पित रहते हैं।
वैलेंटाइन डे के दिन याद रखना पड़ता है कि सच्च प्रेम सिर्फ भावुकता और कामना का ही संबंध नही है। सच्च प्रेम तो ऐसा बंधन होता है जिसे कभी नही भुलाया जा सकता है। इस दिन प्यार का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए कि सामने वाला प्रभावित हो और समझे कि उनका प्रेम सच्च है।
वैलेंटाइन डे के दिन कुछ लोग गलत ढंग से पेश आते हैं। कुछ अराजकतत्व युगल जोड़ो को छेड़ते हैं उन्हें परेशान करते हैं। ये ऐसे लोग होते हैं जो इस दिन का महत्व नही समझते हैं। उनकीं निगाह में प्यार सिर्फ एक खिलौना है, जिसे जब चाहा खेला और जब चाहा फेंक दिया।
प्यार तो एक ऐसा शब्द,एक ऐसा बंधन है जो हर जगह किसी न किसी रुप में विराजमान है। चाहे वह पशु-पक्षियों का प्रेम हो, या भाई-बहन का प्रेम, या मां-बाप का प्रेम, या पति-पत्नि का प्रेम हो या भक्त और भगवान का प्रेम। प्रेम रुपी बंधन से सभी एक दूसरे के साथ बंधे हुए हैं।
वैलेंटाइन डे खासकर प्रेमी और प्रेमिका का दिन होता है। इस दिन ये दोनों जोड़े अपने प्यार के संबंध को और मधुरता प्रदान करते हैं। इस दिन प्रेमी और प्रेमिका एक दूसरे को आकर्षक कार्ड, सोने-चांदी, हीरे-मोती और गुलाब के फूल जैसे उपहार देकर अपने प्रेम का इजहार करते हैं।
वैलेंटाइन डे मनाने की प्रथा रोम से प्रचलित हुई। इस दिन वैलेंटाइन नाम के एक ºिस्ती धर्मगुरु शहीद हुए थे। रोम में इनकी मृतदेह को दफनाने के कुछ समय बाद कुछ ज्ञानवान लोग और प्रेम के रक्षक इनको संत के रुप में जानने लगे और धीरे-धीरे वैलेंटाइन नाम का प्रेम-पत्र, शुभेच्छा कार्ड देने की प्रथा शुरु हो गई। यूरोप के विश्वविध्यालय में शुरु हुई यह प्रथा धीरे-धीरे पूरी दुनिया में फैल गया और हर जगह वेलेन्टाइन डे एक प्रेम रुपी त्योहार के रुप में मनाया जाने लगा।
इस दिन युवक-युवतियां एक दूसरे के साथ समय बिताते हैं,अलग-अलग संदर्भो पर अपनी-अपनी बातें एक दूसरे के सामने रखते हैं। चाहे वह किसी कार्ड के माध्यम से भेजें या एसएमएस से या फिर कोई आकर्षण गिफ्ट देकर या फिर ई-मेल के जरिए अपने प्यार को एक दूसरे के सामने रखते हैं।
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