HomeNewsRajasthanJodhpur Jodhpur

मंदिर-स्कूल के पास शराब की दुकानें

जोधपुर. नियमों में भले ही स्कूल-कॉलेज और मंदिरों से 200 मीटर के दायरे में शराब की दुकान लगाने की मनाही हो, हालत यह है कि जोधपुर में करीब डेढ़ दर्जन दुकानें नियम-कायदे ताक में रखकर चल रही हैं। यह अलग बात है कि इन दुकानों को जायज ठहराने के लिए आबकारी विभाग के अपने अलग ही तर्क हैं।

जयपुर हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका में वकीलों की एक कमेटी को राजधानी में स्कूलों और मंदिरों के इर्द-गिर्द चलने वाली शराब की दुकानों का सर्वे कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के बाद भास्कर टीम ने जब जोधपुर हालात का जायजा लिया तो चौंकाने वाली स्थिति सामने आई। करीब डेढ़ दर्जन शराब की दुकानें तय नियमों के विपरीत स्कूलों व प्रमुख मंदिरों के आसपास ही नजर आईं।

आबकारी विभाग के नियमों में कॉलेज, स्कूल, अस्पताल, पूजा स्थल, फैक्ट्री, सिनेमाघर, श्रमिक बस्ती तथा हरिजन बस्ती के दो सौ मीटर के दायरे में शराब की दुकान खोलने पर पाबंदी है। इसके बावजूद आबकारी विभाग नियमों की शिथिलता का फायदा उठाकर साल दर साल दुकानें मंजूर करता आ रहा है।

नियम के स्पष्टीकरण में कहा गया है कि 1 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में उन्हीं मंदिरों को इस शर्त के दायरे में लिया गया है जो आबकारी विभाग की ओर से सूचीबद्ध किए गए हैं। जोधपुर में आबकारी विभाग ने देवस्थान विभाग में सूचीबद्ध मंदिरों को ही इस नियमों के दायरे में माना है। जबकि हकीकत यह है कि कई प्रमुख मंदिरों के आस-पास शराब की दुकानें चल रही हैं।

श्रमिक व हरिजन बस्ती में भी शराब की कई दुकानें खुली हुई है। इन बस्तियों में भी यह कह कर दुकानें मंजूर की जा रही है कि नियमों के तहत जिस वार्ड में एससी के लोगों की संख्या पचास फीसदी से ज्यादा है, सिर्फ उन्हीं को इस दायरे में लिया गया है।

सेंट पॉल सीनियर सेकंडरी स्कूल
शास्त्री सर्किल से हनुवंत स्कूल जाने वाले मुख्य मार्ग पर सेंट पॉल सैकंडरी स्कूल है। सर्किल पर थोड़े से फासले पर अंग्रेजी शराब की दुकान खुली हुई है। दुकान स्कूल समय में खुली रहती है। दुकान पर दिनभर ग्राहकों की आवक रहती है तो दूसरी ओर स्कूल के छात्रों की रेलमपेल भी रहती है।

हनुमान मंदिर, भगत की कोठी
पाली रोड पर स्थित हनुमान मंदिर के ठीक सामने अंग्रेजी शराब की दुकान चल रही है। इस क्षेत्र के प्रमुख हनुमान मंदिर में सुबह से देर रात तक श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। इसके अलावा यहां शनै-शनै धार्मिक आयोजन होते हैं। मंदिर के निकट शराब की दुकान होने से क्षेत्रीय लोगों में गहरा रोष व्याप्त है।

मेडिकल कॉलेज परिसर
कॉलेज परिसर के निकट यूआईटी की ओर से निर्मित दुकानों में एक शराब की दुकान भी है। इस मार्ग पर अस्पताल के साथ कॉलेज एवं खेल मैदान होने के कारण प्रतिदिन भारी संख्या में लोगों का आना जाना लगा रहता है। इस तरह के लोकेशन में दुकान होने से इस इलाके के साथ अन्य लोगो में भी नाराजगी है।

श्री राधा कृष्ण मंदिर, पाल लिंक रोड
शास्त्रीनगर थाने से चौपासनी हाउसिंग बोर्ड जाने वाले मार्ग पर राधाकृष्ण मंदिर से कुछ दूरी पर अंग्रेजी शराब की दुकान चल रही है। मंदिर में प्रतिदिन सैकड़ों लोग दर्शन के लिए आने के साथ यहां धार्मिक आयोजन होते हैं। लोगों ने विरोध जताया लेकिन दुकान नहीं हटी।

बाबा रामदेव मंदिर, मथुरादास माथुर सर्किल
मथुरादास माथुर सर्किल के निकट स्थित बाबा रामदेव मंदिर ऐसा है, जहां दिनभर लोगों के आने जाने के साथ बाबा की बीज पर यहां मेला भी लगता है। इस पूजा स्थल की कुछ दूरी पर शराब की दुकान खुली होने से मंदिर आने वाले श्रद्घालुओं को परेशानी उठानी पड़ती है। यहां भी क्षेत्रीय लोग कई बार विरोध दर्ज करवा चुके हैं।

गुरुनानक नेशनल बालिका सी.से. स्कूल
चौहाबो 20 वें सेक्टर में सब्जी मंडी के निकट स्थित गुरुनानक नेशनल बालिका स्कूल की कुछ दूरी पर अंग्रेजी शराब की दुकान खुली होने से क्षेत्रीय लोगों में नाराजगी है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि छात्राओं की स्कूल के पास शराब की दुकान की इजाजत देने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

>> नियमों के मुताबिक ही दुकानों के लोकेशन पास किए जाते हैं। इसके लिए विभाग का निरीक्षक जाकर मौका स्थिति देखकर नियमानुसार प्रक्रिया अपनाकर रिपोर्ट देता है। किसी दुकान के लोकेशन में एतराज होने पर प्रार्थी आबकारी आयुक्त के समक्ष अपील करता है। आयुक्त अपने अधिकारों के अनुसार उस अपील पर निर्णय देते हुए दुकान की लोकेशन पास कर दुकान खोलने की इजाजत देता है। विभाग की ओर से स्वीकृत लोकेशन पर ही दुकानें चल रही है।
शक्तिसिंह राठौड़, जिला आबकारी अधिकारी





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: